झज्जर। जिले के गांव कलोई में मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सदर थाना ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि गांव के लोगों ने मिलकर मार-पीट की। कलोई निवासी चांद सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके भाई बलवान का साला चरखी दादरी के गांव भागवी निवासी अमित कुमार आठ वर्ष से उसके भाई के पास रहता है और दादरी रिलायंस में नौकरी करता है।
गांव में आंबेड़कर भवन व हरिजन चौपाल का कार्य चल रहा है। वह आंबेड़कर भवन पर गया तो वहां टिंकू खड़ा था। वहां काम कर रहे मिस्त्री ने बताया कि टिंकू काम बंद करने की कह रहा है। इसी दौरान वहां टिंकू का भाई पम्मी और धोले भी आ गए। उन दोनों ने भी कहा चौपाल का काम नहीं चलने देंगे।
इसके बाद उसने प्रदीप सरपंच के पास फोन कर दिया, जिसके बाद टिंकू, पम्मी और धोले ने मिलकर उससे हाथापाई की। वहां पर गांव के कुछ लोग आ गए और बीच-बचाव करा दिया। यहां टिंकू ने उसको जान से मारने की धमकी दी। शाम को उसे फिर पता चला कि चौपाल के पास अमित के साथ झगड़ा हो रहा है।
वहां देखा कि अमित व राजबीर को टिंकू, धोला, पम्मी, कृष्ण, हवा सिंह, रामभतेरी, फजिला, पूजा, रेखा और टिंकू की पत्नी भी लाठी-डंडो से चोटें मार रहे थे। उसने अमित और राजबीर को छुड़ाने की कोशिक की तो उसको पम्मी की पत्नी रेखा ने कान के पास ईंट मारी और सभी ने लात मुक्के मारे। उसकी चाची कमला छुड़ाने लगी तो इन सभी ने उसको भी मारा।
शोर सुनकर राजीव, सोनू और अनिल आए और उन्होंने उनको उनसे छुड़वाया। अमित उनके गांव में राजीव के मछली फार्म पर जा रहा था तो उन्होंने अमित को रोककर चोटें मारी। इसके बाद वह उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर ले गए। चिकित्सक ने अमित और राजबीर को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस ने इस संबंध में शिकायतकर्ता की शिकायत पर थाना सदर झज्जर में एफआईआर दर्ज कर ली है।