झज्जर। जिले में पिछले तीन दिन से मंडियों में बाजरा की खरीद नहीं हो रही है। अब हैफेड ने एक दिन और खरीद नहीं करने का निर्णय लिया है। इसके आदेश सभी को जारी कर दिए हैं। वहीं झज्जर मंडी में सोमवार को बासमती धान की आवक शुरू हो गई। हालांकि इसकी सरकारी खरीद नहीं हुई, लेकिन आढ़तियों ने खरीद की। बासमती धान की 3231 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद की गई।
हैफेड मुख्यालय के निर्देशानुसार जिला की मंडियों में अपरिहार्य कारणों के चलते किसान हित में मंगलवार 3 अक्तूबर को बाजरे की फसल खरीद का कार्य नहीं किया जाएगा और न ही गेट पास जारी किए जाएंगे जबकि चार अक्टूबर से पुन: खरीद कार्य शुरू होगा। हैफेड के डीएम ने जानकारी देते हुए किसानों से आह्वान किया कि वे 3 अक्तूबर को जिले झज्जर की मंडियों में अपनी बाजरे की फसल बिक्री के लिए न लाएं। डीएम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में जिला की मंडियों में बाजरे की फसल की अप्रत्याशित अधिकता देखी गई है। मंडियों में बाजरे की फसल के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए हैफेड द्वारा अस्थाई उपाय के रूप में जिले की मंडियों में 3 अक्तूबर को एक दिन के लिए बाजरे की खरीद का कार्य नहीं किया जाएगा तथा गेट पास भी जारी नहीं किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे 3 अक्तूबर को जिले की मंडियों में अपनी बाजरे की फसल बिक्री के लिए न लाएं।
जिले की मंडियों की स्थिति
जिले में अब तक 10540 किसानों के गेट पास काटे जा चुके हैं। इसके अलावा 317840 क्विंटल बाजरा की आवक हो चुकी है। बादली मंडी में अब तक 252 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ में 54 मीट्रिक टन, बेरी में 1400 मीट्रिक टन, ढाकला में 3997 मीट्रिक टन, झज्जर में 14284 मीट्रिक टन और मातनहेल मंडी में 11896 मीट्रिक टन बाजरा की आवक हो चुकी है। जिले में अब तक केवल 92830 क्विंटल बाजरा की खरीद हो चुकी है। बहादुरगढ़ में 44 मीट्रिक टन, बेरी में 1209 मीट्रिक टन, ढाकला में 109 मीट्रिक टन, झज्जर में 3718 मीट्रिक टन, मातनहेल में 4202 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद हो चुकी है।