25 करोड़ खर्च करके बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन एयर पोर्ट की तर्ज पर तैयार होगा। स्टेशन के नवीनीकरण के कार्य में तेजी आ गई है। स्टेशन के नव निर्माण के लिए अब यहां से हरियाली का गायब होना तय है। इस कार्य के लिए अब 7 हरे-भरे पेड़ों को अपनी बलि देनी होगी। यह पेड़ कई दशकों पुराने हैं। वन विभाग से पेड़ों को काटने की मंजूरी मिल चुकी है। उधर, कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार तरुण का कहना है कि स्टेशन के निर्माण के लिए पेड़ों का बचाना बेहद मुश्किल है। जल्द ही यह पेड़ कटने शुरू हो जाएंगे। हालांकि कंपनी अधिकारियों का कहना है कि इसके बदले रेलवे स्टेशन के आसपास काफी संख्या में पौधे लगाए जाएंगे।
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के लिए 7 पेड़ आड़े आ रहे हैं। इनमें नीम, बड़ और पीपल के पेड़ शामिल हैं। हालांकि यह सभी पूरी तरह हरे-भरे हैं। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की रेलवे चौकी से आगे की बिल्डिंग नहीं तोड़ी जाएगी। जबकि रेलवे क्वार्टरों को तोड़ा जाएगा। रेलवे बाउंड्री के साथ-साथ सड़क का निर्माण होगा। साथ ही पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर पुनर्विकसित किया जाना है। रेलवे स्टेशन पर प्रवेश के लिए निकास और प्रवेश के लिए अलग द्वार होंगे।
वर्जन...
स्टेशन के नवीनीकरण में कई पेड़ आड़े आ रहे हैं। इन्हें हटाने के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया है। उनकी तरफ से परमिशन दी गई है। जल्द ही इन्हें कटवाया जाएगा।
-तरुण कुमार, ठेकेदार, वर्धमान कंस्ट्रक्शन कंपनी।
वर्जन...
रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने का काम चल रहा है। 7 पेड़ काटने के लिए पत्र मिला है। विभाग की ओर से उनकी कीमत लगाई गई है। वह विभाग की तरफ से दे दी गई है। कंस्ट्रक्शन कंपनी की तरफ से ही यह पेड़ कटवाए जाएंगे।
-श्रीभगवान, रेंज आफिसर, वन विभाग बहादुरगढ़।