-फोटो 58 : दशलक्षण महापर्व दौरान श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु
बहादुरगढ़। दशलक्षण महापर्व के 8वें दिन वीरवार को शहर के जैन मंदिरों में उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। जिनेंद्र भगवान के अभिषेक, नित्य पूजा पाठ और जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा की गई। गांधी चौक के पास श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की।
श्री दिगंबर जैन समाज बहादुरगढ़ के महासचिव अरविंद जैन ने कहा कि संसार में कोई भी व्यक्ति तब तक सुखी नहीं हो सकता, जब तक उसको किसी भी चीज की आकुलता है। आकुलता तब तक नष्ट नहीं हो सकती जब तक उसके पास कुछ भी परिग्रह है। इसलिए परम सुखी होने के लिए त्याग की आवश्यकता होती है।
अरविंद जैन ने बताया कि प्रयूषण पर्व का 8वां दिन उत्तम त्याग धर्म व रत्नत्रय की पूजा के साथ मनाया गया। इसमें उत्तम त्याग धर्म की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि आधी आय परिवार, एक चौथाई आपत्ति के लिए व एक चौथाई का दान ही उत्तम त्याग है।
उन्होंने बताया कि श्रीजी के अभिषेक और शांतिधारा के बाद महावीर पूजा, आदिनाथ पूजा, सोलहकरण पूजा, पंचमेरू पूजा, दशलक्षण पूजा, उत्तम त्याग धर्म की पूजा मुख्य रूप से की गई। सकल दिगंबर जैन समाज बहादुरगढ़ की ओर से रविवार को 7 सितंबर को वार्षिक रथयात्रा महोत्सव व क्षमावाणी महापर्व पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाया जाएगा।
इस दौरान श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर गांधी चौक से वार्षिक रथ यात्रा निकाली जाएगी। यह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अनाजमंडी पांडूशिला, अग्रवाल कॉलोनी स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेगी और वहां से वापिस श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर पर पहुंचेगी। यह वार्षिक रथ यात्रा बैंड बाजों, मनमोहक झांकियों के साथ निकाली जाएगी।