शहर के लाइनपार क्षेत्र की बैंक कालोनी में एक युवक ने अपनी गर्भवती पत्नी की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। इन दोनों ने अंतर्जातीय प्रेम विवाह किया था। पत्नी को मारकर हत्यारा पति अपने ढाई साल के बेटे को लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोषी की तलाश शुरू कर दी है।
नगर की बैंक कालोनी की गली नंबर-7 में किराए के मकान में अपने ढाई साल के बेटे के साथ रह रही ज्योति की उसके पति अमित ने साथियों संग मिलकर हत्या कर दी। अमित अपने ढाई साल के बेटे योगेश को लेकर फरार है। यह वारदात बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे के बाद हुई।
ज्योति के पिता आर एक पड़ोसी ने बताया कि सुबह 5 बजे के बाद उन्होंने अमित व उसके साथियों को ज्योति के घर से निकलकर भागते हुए देखा था। ज्योति करीब पांच महीने की गर्भवती थी। तेजधारदार हथियार से प्रहार किया खून से लथपथ ज्योति का शव कमरे पड़ा था। पुलिस ने मृतका के पिता समुंद्र सिंंह के बयान पर ज्योति के पति अमित और उसके दो साथियों के खिलाफ केस दर्ज तलाश शुरू कर दी है। सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव ज्योति के परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका के पिता समुंद्र ने बताया कि अमित और ज्योति ने करीब चार साल पहले प्रेम विवाह किया था, जिनमें कुछ ही समय बाद झगड़ा हो गया। करीब बीस दिन से ज्योति बैंक कालोनी में किराए के मकान पर अलग रह रही थी। जबकि अमित अपने पिता रामकरण और मां के साथ सुुभाषनगर में रहता है।
वह ट्रैक्टर ड्राइवर है। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि विवाह से पहले ज्योति व अमित के परिवार शंकर गार्डन में एक दूसरे के पड़ोसी थे। दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। उस समय ज्योति की उम्र 17 साल कुछ महीने थी। गैरकानूनी होने की वजह से उसका विवाह संभव नहीं था। विवाह गैरकानूनी होने की वजह से आखिर पुलिस ने करीब आठ महीने के लिए ज्योति को नारी निकेतन भेज दिया। जब 18 साल की हो गई तो नारी निकेतन से ज्योति फिर अमित के घर आ गई।
ज्योति की मां कमला व भाई दीपक ने बताया कि विवाह के कुछ समय बाद ही ज्योति को उसकी सास सताने लगी। छोटी-छोटी बात पर उसे गालियां दी जाती थीं। पिटाई की जाती और जान से मारने की धमकी दी जाती। एक बार अमित व उसके परिवार के लोगों ने ज्योति के मायके पहुंचकर ज्योति व उसके माता-पिता के साथ मारपीट की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बुधवार को पति और पत्नी के बीच सुलह समझौते के लिए पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन ज्योति उसमें नहीं पहुंची थी। इससे पंचायत बेनतीजा रही थी।