सबडिवीजन के गांव सफीपुर में बिजली के बिल वितरण करने गए निजी कंपनी के कर्मचारी को ग्रामीणों ने पकड़ कर बैठा लिया। ग्रामीण गलत बिलों को देखकर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों का कहना था कि मीटरों की गलत रीडिंग ली गई है, जिससे बिल गलत व एवरेज बेस पर बनकर आए हुए हैं। कई ग्रामीणों ने तो बिल अदा कर दिया था। फिर दोबारा से बिल की राशि जुड़कर आई हुई। ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तब तक कर्मचारी को नहीं जाने दिया जाएगा।
ग्रामीणों द्वारा कर्मचारी को गांव में बैठा लेने की सूचना कर्मचारी ने पहले ठेकेदार को दी और बाद में पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। मामला को शांत करने के लिए ठेकेदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सोमवार को पूरे गांव में दोबारा से मीटरों की रीडिंग लेे ली जाएगी और दोबारा से बिजली के बिलों का वितरण कर दिया जाएगा। उसके बाद ग्रामीणों ने कर्मचारी को जाने दिया। ठेकेदार का कहना था कि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
सफीपुर में कर्मचारी बिल वितरण करने के लिए गया था। ग्रामीणों ने कर्मचारी को बैठा लिया था, ग्रामीणों का कहना था कि बिल गलत आए हुए है। जिनको ठीक किया जाए। ग्रामीणों को समझा दिया गया। जिन उपभोक्ताओं के गलत बिल आए हुए है। सोमवार को दोबारा से रीडिंग लेकर ठीक करवा दिया जाएगा। ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- गणेश कुमार, सुपरवाइजर, टीडीएस कंपनी।
गांव सफीरपुर में बिल वितरण करने व रीडिंग लेने का ठेका निजी कंपनी को दिया हुआ है। कोरोना महामारी के चलते के गांव में करीब 40 उपभोक्ताओं के बिल एवरेज के आए हुए हैं। ठेकेदार को अवगत करा दिया गया है। सोमवार को गांव में जिन उपभोक्ताओं के बिल ठीक नहीं हैं, उनकी दोबारा से रीडिंग लेकर ठीक करवा दिया जाएगा।
- संजीत मुदगिल, एसडीओ, बिजली निगम, मातनेहल।
गांव सफीपुर में बिजली बिल वितरण करने गए निजी कंपनी के कर्मचारी व ग्रामीणों के बीच विवाद को लेकर सूचना झज्जर कंट्रोल रूम से मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम गांव में पहुंची ओर ठेकेदार के ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को समझा दिया गया।
- मनोज कुमार, पुलिस चौकी प्रभारी, छुछकवास।