बहादुरगढ़़। सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद धर्मशाला समिति की ओर से करवाए जा रहे हरियाणवीं सांग के चौथे दिन प्रसिद्ध सांगी पंडित विष्णुदत्त ने पदमावत सांग का प्रदर्शन किया। मुख्यातिथि के रूप में विधायक राजेश जून ने शिरकत की। जबकि नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज रमेश राठी अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रही। मुख्यातिथि विधायक राजेश जून ने कहा कि प्राचीन संस्कृति को संजोकर रखने में कलाकारों का अहम योगदान है।
दादा लख्मीचंद की कही हुई बातें आज सत्य साबित हो रही हैं। चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि पंडित विष्णुदत्त सांग परंपरा के माध्यम से हरियाणवीं संस्कृति को बढ़ावा दे रहें हैं। सांग के माध्यम से प्रसिद्ध सांगी पंडित विष्णुदत्त ने बताया गया कि रणबीर राजा का लड़का अपने दोस्त के साथ शिकार के लिए वन में जाता है और दोनों दोस्त एक दूसरे से बिछड़ जाते हैं। राजकुमारी पदमावत अपनी सखियों के साथ वहां पर घूमने आई थी।
रणबीर उनको देखकर हैरान रह जाता है कि इतने बड़े वन में महिलाओं का क्या काम। रणबीर और राजकुमारी पदमावत की आंंखें मिलती हैं और एक दूसरे पर मोहित हो जाते हैं। राजकुमारी वहां से वापिस महल जाती है, लेकिन रणबीर को मिलने के लिए बेताब रहती है। यह सांग मनुष्य की काया पर रचा और मन, शरीर और काया का इस सांग के अंदर पूरा विवरण दिया गया है। सांग के आयोजन में मन्जीत पाराशर, मामनराम, हरिओम मुदगिल, सुमित, अमित अत्री, अतर सिंह, रमेश कौशिक, मनोज भारद्वाज, दीपक राज सहित सभी सदस्यों का सहयोग रहा।
इस मौके पर नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान सतीश राठी, पार्षद राजेश तंवर, पार्षद कर्मबीर शर्मा, पार्षद राजेश मकड़ोली, छोटूराम धर्मशाला के प्रधान सतीश राठी, गौरव राठी, रोहिल्ला धर्मशाला के प्रधान राजबीर रोहिल्ला उपस्थित रहे। सभी का धर्मशाला समिति की तरफ से शाॅल व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।