11jjrp03 शहर की सबसे व्यस्त जगह अंबेडकर, यहां पर सीसीटीवी की बहुत ज्यादा जरूरत है। संवाद
झज्जर। शहर में नौ करोड़ रुपये की लागत से लगने वाले सीसीटीवी का प्रोजेक्ट मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है। सीसीटीवी नहीं लगने के कारण पुलिस विभाग और प्रशासन का शहर में सर्विलांस सिस्टम बहुत कमजोर बना हुआ है। अगर कोई वारदात हो भी जाए तो दुकानों या अन्य निजी संस्थानों में लगे सीसीटीवी से ही फुटेज चेक करनी पड़ती है।शहर को सुरक्षित बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के मुख्य स्थानों को चिह्नित कर वहां सीसीटीवी लगाने की मांग की गई थी। नगर निगम अधिकारियों ने भी इसको जरूरी समझते हुए इसका प्रपोजल तैयार किया और मुख्यालय को भेज दिया।
अभी तक मुख्यालय से उस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलते ही शहर के सभी मुख्य चौराहों और बाजारों में सीसीटीवी लगा दिए जाएंगे।
निगरानी रखने में आसानी
शहर में मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी लगे होने से वहां से गुजरने वाले सभी लोगों पर निगरानी बनी रहती है। कंट्रोल रूम में बैठ कर गिने-चुने लोग ही पूरे शहर में सर्विलांस रख सकते हैं। ऐसे में अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को उस बारे में सूचित किया जा सकता है।
अपराधियों की पहचान करना आसान होगा
सीसीटीवी लगने के बाद कोई भी अपराध होने पर अपराधियों की पहचान करने में काफी आसानी हो जाएगी। सीसीटीवी की मदद से वारदात करने वाले बदमाश फुटेज में आ जाएंगे या फिर उनके वाहन से भी उनकी पहचान की जा सकेगी। न केवल पहचान करने में बल्कि उनको पकड़ने में भी पुलिस को मदद मिलेगी।
शहर में सीसीटीवी लगना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाए ताकि लोगों को शहर में सुरक्षित एवं बेहतर माहौल मिल सके।
- रवि मीणा, एसडीएम, झज्जर