बहादुरगढ़। सरकार के अंतिम बजट से बहादुरगढ़ के उद्यमियों को काफी उम्मीद हैं। उद्यमियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था में बेहतर सुधार होना चाहिए। समस्या का विशेष तौर पर समाधान किया जाए ताकि वे पूरा वर्ष अपनी फैक्ट्रियों को आसानी से चला सकें। बिजली न होने और प्रदूषण के समय जनरेटर न चलाने देने से फैक्ट्रियों के संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान होता है। इससे सरकार को भी राजस्व को घाटा होता है। नई फैक्ट्रियां लगाने के लिए दी जाने वाली एनओसी की राह हो आसान करने और मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी की मांग उद्यमी कर रहे हैं।
सबसे पहले बिजली 24 घंटे देने का प्रावधान किया जाए। प्रदूषण से छुटकारा मिले। बिजली नहीं होती है तो साल में कई महीने फैक्ट्रियां बंद रहती है। इससे श्रमिकों को भी रोजगार नहीं मिल पाता और फैक्ट्री संचालक को भी काफी नुकसान झेलना पड़ता है। फैक्ट्रियां चलाने के लिए दी जाने वाली एनओसी के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान होनी चाहिए।
-विकास आनंद सोनी, वरिष्ठ उप प्रधान, बीसीसीआई।
सरकार उद्यमियों की बिजली समस्या का समाधान करें। साल भर में कई महीनों तक उनकी फैक्ट्रियां बंद रहती है। इससे उत्पादन पर काफी असर पड़ता है और उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
-नरेंद्र छिकारा, उप प्रधान, फुटवियर पार्क एसोसिएशन
उद्योगों से सरकार को जो राजस्व मिलता है उसका अधिकतर हिस्सा बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों पर ही खर्च किया जाना चाहिए। अभी 20 घंटे बिजली मिल रही है। इसे 24 घंटे किया जाना चाहिए। आने वाला मौसम गर्मी का है। ऐसे में बिजली की खपत बढ़ेगी और उद्योगों को बिजली पूरी नहीं मिलेगी। सरकार को इस दिशा में विशेष ध्यान देकर कार्य करना चाहिए।
-सुभाष जग्गा, प्रधान बीसीसीआई
उद्यमियों में लगाई जाने वाली मशीनरी की खरीद पर सरकार को सब्सिडी का प्रावधान करना चाहिए। सरकार को बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकईयों से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में सरकार को उद्यमियों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
-नवीन मल्होत्रा, उद्यमी गणपति धाम