संवाद न्यूज एजेंसी
बादली। भवन निर्माण पर महंगाई की मार है। अब घर बनाना भी मुश्किल हो गया है। भवन निर्माण के लिए रेत नहीं मिल रही है। वहीं, डस्ट-रोड़ी और ईटों के भाव आसमान छू रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी पढ़ गई है।
ईंटों के दाम में अचानक 300 से 500 रुपये (प्रति हजार ईंट) की वृद्धि हुई है। हालांकि, पहली अक्तूबर से ही ईंट महंगी हो गईं थीं लेकिन अक्तूबर माह में दूसरी बार फिर ईंटों के दाम बढ़ा दिए हैं।
अब एक हजार ईंट 7500 से 8 हजार रुपये में मिलेगी। कारोबारियों का कहना है कि कोयला दोगुना महंगा हो चुका है। बारिश होने कारण अधिकतर क्षेत्र में जल भराव है। इस कारण ही लेवल के लिए रेत नहीं मिल रहा। रेत का भाव सुनकर ही मकान बनाने का सपना टूट रहा है। चार माह पहले 3 हजार में मिलने वाली रेत की ट्रॉली का भाव बढ़कर अब 6 हजार रुपए ट्रॉली तक पहुंच गया है।
निर्माण पर महंगाई की मार
मामन ठेकेदा ने बताया कि ईंटों के दाम बढ़ गए हैं। दो माह पहले भवन निर्माण कार्य शुरू किया। निर्माण के दौरान ईंटों के जो भाव थे उसमें 800 रुपए प्रति हजार पर बढ़ोतरी हो गई है। डस्ट 930 रुपए प्रति क्विंटल और रोड़ी 950 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है।