बादली। बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) के नाभिकीय चिकित्सा विभाग में कैंसर जांच कराने वाले मरीजों को फोन कर नहीं आने की जानकारी दी जा रही है। संस्थान की ओर से उनको कॉल कर बताया जा रहा है कि एक डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। इससे व्यवस्था बिगड़ी है। आप तय तारीख पर न आएं। डॉक्टर और तकनीशियन के आने के बाद जांच के लिए नई तारीख बता दी जाएगी।
नेशनल कैंसर संस्थान (एनसीआई) की ओर से दी जा रही इस तरह की जानकारी ने दो महीने से जांच का इंतजार कर रहे मरीज और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा दी है।
नाभिकीय चिकित्सा विभाग में डॉक्टरों के कुल 5 पद हैं जिनमें से 3 खाली हैं। वहीं तकनीशियन के तीन में से एक पद रिक्त है। इससे ओपीडी तो चल रही है लेकिन जो मरीज वेटिंग में हैं उन्हें फोन करके जांच के लिए आने से मना किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी से उपकरणों का रखरखाव और जांच प्रभावित होने लगी है। इससे मरीजों की देखभाल, रिसर्च और डायग्नोस्टिक (जैसे कैंसर स्क्रीनिंग) सेवाएं बाधित हैं। इससे पहले जहां प्रति सप्ताह 200 मरीजों की जांच होती थी, घटकर अब 100 से भी कम हो गई है। जांच की तारीखें रद किए जाने से सैकड़ों रोगी और तीमारदारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
कैंसर चौथी स्टेज पर है, अब जांच की तारीख नहीं मिल रही
मेरठ की रहने वाली नाजरी ने बताया कि उनके 34 वर्षीय बड़े भाई को पेट से संबंधित कैंसर है। 22 दिसंबर को जांच के लिए 16 जनवरी की डेट दी गई थी लेकिन अब संस्थान की तरफ से फोन कर उन्हें नहीं आने की बात कही जा रही है। बार-बार पूछने पर भी नई तारीख नहीं बताई गई है जबकि उनके भाई की कैंसर स्टेज चौथी पहुंच गई है।
पेशाब करने में दिक्कत है, जांच के लिए नहीं मिल रही तारीख
ग्रेटर नोएडा के 56 वर्षीय विजय सिंह ने बताया कि पिछले तीन माह से उन्हें पेशाब करने में दिक्कत हो रही है। उन्हें डॉक्टरों ने कैंसर जांच की सलाह दी। नवंबर माह में जांच के लिए नेशनल कैंसर संस्थान में रजिस्ट्रेशन करवाया। 16 जनवरी को जांच के लिए बुलाया गया था लेकिन अब फोन पर आने से मना कर दिया है। पूछे जाने पर उन्हें डॉक्टर और टेक्नीशियन नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है।
किडनी कैंसर से लड़ रहीं सीता देवी को नहीं मिल रही तारीख
बिहार के मोतीहारी जिले की रहने वालीं सीता देवी को भी 16 जनवरी को आने से मना कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वह किडनी कैंसर की चौथी स्टेज पर बीमारी से लड़ रही हैं। 6 दिसंबर को जांच के लिए 16 जनवरी की डेट दी गई लेकिन अब उन्हें आने से मना कर दिया है। समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं।
देश का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान
झज्जर स्थित बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान देश का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान है। यहां पर फिलहाल 710 बेडों की सुविधा उपलब्ध है जिसमें सर्जिकल, रेडिएशन और मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित कई प्रभाग हैं। यह सबसे बड़े सार्वजनिक वित्त पोषित अस्पताल परिसरों में से एक है जो 60 एकड़ में फैला है और इसमें 2.5 लाख वर्ग मीटर का निर्माण क्षेत्र है। यह एम्स नई दिल्ली का एक अभिन्न अंग है जो कैंसर रोगियों की देखभाल करता है।
वर्जन
नाभिकीय चिकित्सा विभाग से पूरी जानकारी ली जाएगी और संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा। नाभिकीय चिकित्सा विभाग से खाली पदों को भरने के लिए भी निर्देश दिए जाएंगे। जांच की तारीख रद्द करने की उन्हें अभी जानकारी नहीं है।
- डॉ. संजय तुलकर, एनसीआई हेड, बाढ़सा।
फोटो नंबर 71: नेशनल कैंसर संस्थान के बाहर टहलते कैंसर पीड़ित। संवाद