बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी तथा अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने कहा कि शुक्रवार की शाम आई तेज आंधी के कारण प्रदेश के 5 जिलों के 25 गांवों में लगभग 900 एकड़ गेंहू की खड़ी फसलें तथा फाने आग लगने से जलकर राख हो गए। किसानों ने जीतोड़ मेहनत कर जिस गेहूं की फसल को घर में लाने का सपना संजोया था, किसानों का वह सपना एक पल में स्वाहा हो गया। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने किसानों की इस बर्बादी पर गहरा दुख प्रकट किया और खड़ी फसल जलने का 50000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की सरकार से मांग की।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष प्रदेश में सैकड़ों एकड़ फसलें-फाने बिजली के तारों से निकली चिंगारियों व अन्य कारणों से आग लगने से जल कर राख हो जाती हैं। बीमा कंपनियां भी आग से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं देती। किसानों की साल भर की कमाई कुछ ही पलों में नष्ट हो जाती है। किसानों के खेतों की जुताई, बिजाई, बीज-खाद, कीटनाशक तथा सिंचाई आदि पर हजारों रुपए प्रति एकड़ खर्च हो जाते हैं। फसल बर्बाद होने के बाद किसान के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं बचता और किसान कर्ज के जाल में फंस जाते हैं और आत्महत्या तक कर लेते हैं। किसान संगठन हरियाणा सरकार से मांग करता है कि फसलें जलने पर सरकार किसानों को मुआवजा अपने खजाने से देने का प्रावधान करें।