बहादुरगढ़। नगर परिषद ने बहादुरगढ़ बाईपास पर आठ एकड़ शामलात भूमि पर कब्जा ले लिया है। महिलाओं ने इसका विरोध किया और बुलडोजर के आगे खड़ी हो गई और प्रशासन की कार्रवाई रोकने का प्रयास किया तो नप अधिकारियों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो महिलाएं पीछे हट गईं।
शामलात जमीन पर काफी समय से विवादित चल रहा था, जिस पर कुछ किसान परिवार खेती कर रहे थे। कब्जा कार्रवाई के दौरान नगर परिषद की टीम ने बुलडोजर की मदद से खेत में खड़ी मक्का और साग-सब्जी की फसल को नष्ट कर दिया। महिलाओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।
उनका कहना था कि यदि बुलडोजर आगे बढ़ेगा तो वह उनके ऊपर से गुजरेगा। चाहे उनकी जान चली जाए पर वे कब्जा कार्रवाई नहीं होने देंगी। मौके की नाजुक स्थिति को देखते हुए नगर परिषद के एमई जोगेंद्र सिंधु ने तुरंत पुलिस बल को मौके पर बुलाया। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध जारी रहा।
बाद में पुलिस की सख्ती और गिरफ्तारी के डर से विरोध पर उतारू महिलाएं पीछे हट गई, जिसके बाद नगर परिषद की टीम ने कार्रवाई को जारी रखा। इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ संदीप दुहन ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे। वहीं नगर परिषद सचिव प्रवीण छिकारा, एमई जोगेंद्र सिंधु, भू-अधिकारी नीरज शर्मा, भवन निरीक्षक विवेक जैन और सफाई निरीक्षक सुनील हुड्डा की देखरेख में पूरी कार्रवाई की गई।
किसानाें को सब्जी की उपज काटने की दी मोहल्लत
दो बुलडोजर की मदद से जमीन पर खड़ी फसल को नष्ट कर नगर परिषद ने जमीन अपने कब्जे में ले ली। वहीं कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने किसानों को साग-सब्जी उपज काटने के लिए कुछ समय की मोहलत दी। किसानों ने इस कार्रवाई को गलत करार दिया है। जटवाड़ा निवासी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि वे यह जमीन नगर परिषद से पट्टे पर ले चुके थे और उन्होंने इसका पैसा भी जमा करवाया हुआ था। केस लंबित रहने के चलते नगर परिषद ने पट्टानामा जारी नहीं किया। आरोप है कि उन्हें बिना नोटिस दिए नगर परिषद ने अचानक कब्जा कार्रवाई कर दी और उनकी फसल को उखाड़ फेंका। उन्हें न तो कोई अग्रिम नोटिस दिया गया और न ही फसल का मुआवजा। किसानों ने इस कार्रवाई की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही है।
यह जमीन शामलात की थी जिस पर किसानों द्वारा फसल बोई जा रही थी। जमीन को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा था और नगर परिषद केस जीत चुकी है। किसानों को करीब तीन माह पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया। अदालत के आदेश और डीसी व एसडीएम के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है। दोपहर करीब बारह बजे यह कार्रवाई शुरू हुई थी। अब इस भूमि पर चाहरदीवारी कर इसे आगामी नगर परिषद परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
- जोगेंद्र सिधु, एमई, नगर परिषद, बहादुरगढ़।
-फोटो 59 : जमीन पर कब्जा लेने के दौरान नप की जेसीबी के आगे खड़ी महिलाएं। संवाद