झज्जर। सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले का असर आमजन पर ही नहीं बल्कि एरिया के बड़े बाजारों में भी काफी देखने को मिला है। इसके कारण इस प्रकार के बाजारों से संबध रखने बाले दुकानदार और उपभोक्ता काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ तो सरकार के इस फैसले को सराह जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ समय पर कैश की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के चलते सरकार को कोसा भी जा रहा है।
क्षेत्र की सबसे बड़ी सेकेंड हैंड मोटर व्हीकल मार्केट दुजाना के हालात भी कुछ इसी प्रकार के हैं। इसमें सरकार के इस 500 व 1000 के नोटबंदी के फैसले के कारण करीब 60 फीसदी व्यापार प्रभावित हुआ है। इस मार्केट में प्रतिदिन 6 लाख के करीब सेल प्रचेज का कार्य चल रहा था। लेकिन सरकार के इस फैसले के कारण यह करीब 60 फीसदी तक कम हुआ है। हां इतना जरूर है कि अब समय बीतने के साथ साथ इसमें कुछ सुधार अवश्य आया है, लेकिन अब भी बाजार के उपभोक्ता व दुकानदार पूरी तरह से खुश नहीं दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि एकदम से आए नोटबंदी के फैसले के कारण उन्हें शुरू से लेकर आज तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसका मुख्य कारण बैंकिंग व्यवस्था का सुचारु रूप से काम ना कर पाना है।
दस सालों में लगा पहला झटका
दुजाना मोटर व्हीकल मार्केट जो कि करीब दस साल पहले गांव से बाहर दो दुकानों के सहारे हाईवे पर शुरू हुई थी। लेकिन अब इस बाजार की तरफ नजर उठा कर देखी जाए तो सैकड़ों सेकेंड हैंड गाड़ियां यहां दर्जनों दुकानों के सामने खड़ी हुई मिलेंगी। इस बाजार में अपना कारोबार स्थापित करके सैकड़ों लोग अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं। लेकिन इन दस सालों में पहली बार लगे इस प्रकार के झटके के कारण यह काफी प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से यहां काम करने वाले सैकड़ों लोगों और उपभोक्ताओं पर इसका असर देखने को मिला।
नोटबंदी से गिरा कारोबार
अगर नजर उठा कर देखी जाए जो दुजाना की यह सेकेंड हैंड मोटर व्हीकल मार्केट एरिया में सबसे बड़ी मार्केट है। यहां पर काफी दूर दराज क्षेत्रों से उपभोक्ता अपना व्हीकल खरीदने व बेचने के लिए आते हैं। इस मार्केट में स्थित दर्जनों दुकानों का करीब 6 लाख रुपये का प्रतिदिन का कारोबार है, जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों व्हीकलों की खरीदपोस्त की जाती है। जो कि इस नोटबंदी के फैंसले के कारण 60 फीसदी तक कम हुआ। शुरू से ही बैंकिंग प्रणाली से तंग दुकानदारों का कहना है कि आरबीआई के दिनप्रतिदिन बदल रहे नियमों के कारण भी उन्हे खरीदपोस्त में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार द्वारा लिए गए इस 500 व 1000 के नोटबंदी के फैसले के कारण शुरूआती दिनों में तो काफी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसके कारण उनका कारोबार प्रतिदिन के हिसाब से करीब 60 से 70 फीसदी तक कम हुआ। कोई भी पुराना व्हीकल बेचने के एवज में एकदम से पूरे कैश की उपलब्धता की आस करता था, लेकिन बैंकिंग प्रणाली के हालात खस्ता होने के कारण उन्हें ग्राहक को इस प्रकार से नई करेंसी की उपलब्धता करवाने में काफी पेरशानी आई। -रमेश, मार्केट कारोबारी
अब हालातों में कुछ हद तक सुधार अवश्य आया है। क्योंकि ग्राहकों को भी इस बारे में पता चल गया है कि उन्हें एकदम से पूरे कैश की उपलब्धता करवाना काफी कठिन कार्य है। इसके सहारे वह कुछ दिनों के लिए इंतजार भी करने को तैयार हो जाता है और चैक के माध्यम से भी पेमेंट लेने के लिए राजी हो जाता है। ग्राहकों की इस समझदारी के कारण 60 फीसदी तक गिरा इस मार्केट का कारोबार एक बार फिर से गति पकड़ने लगा है। - विक्की बजाज, मार्केट कारोबारी
सरकार का यह नोटबंदी का फैसला मार्केट में एक बार फिर से रौनक लेकर आएगा। कालेधन और नकली करेंसी पर अंकुश लगने के साथ ही इसके सहारे छोटे दुकानदारों व उपभोक्ताओं को भी मदद मिलेगी। किसी भी आमजन की गाड़ी लेने की ख्वाहिश भी पूरी हो सकेगी। क्योंकि इस प्रकार से मोटर व्हीकल के दामों में भी कमी आने की संभावना है। कुछ दिनों की परेशानी आने वाले दिनों में उनके लिए बहार बनके आएगी। - पीके दुजाना, मार्केट कारोबारी