नगर परिषद ने करीब दो माह पहले बंदर पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया था। टीम ने शहर के अलग-अलग जगहों से करीब 200 बंदरों को पकड़ा है। वहीं शहर के रामनगर स्थित अलग-अलग जगहों पर एक बंदर ने ज्यादा उत्पाद मचाया हुआ है जो अभी तक पकड़ में नहीं आया है।
यह बंदर एक बार शहर के पुरानी तहसील रोड़ पर पकड़ में आ गया था। इस दौरान टीम की तरफ से एक कमरे में केला डालने के बाद बंदर कमरे में चला गया था लेकिन अन्य कई बंदरों को पकड़ने के लिए टीम ने कमरा बंद नहीं किया। इसके बाद यह बंदर कमरे के बाहर आ गया और भाग गया।
कई लोगों को बना चुका शिकार
बंदर कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। बंदर को बेहोश करने वाली दवा आने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही गुरुग्राम से बंदर पकड़ने वाली स्पेशल टीम झज्जर आएगी जो डॉट गन से बंदर को बेहोश करके पकड़ने का काम करेगी।
बंदर पकड़ने के बाद मिलेगी पेमेंट
शहर में बंदरों का आतंक ज्यादा है। नगर परिषद ने बंदर पकड़ने की एजेंसी को साफ कर दिया है कि जब तक उत्पादी बंदर को नहीं पकड़ा जाता तब तक पिछली पेमेंट नहीं मिलेगी। बंदर पकड़ने वाली टीम के इंचार्ज कुलदीप ने बताया कि शहर के अलग-अलग क्षेत्र से अब तक लगभग 200 बंदरों को पकड़ा जा चुका है लेकिन अब तक उनको एक बार भी पेमेंट नहीं हुई है। शहर में उत्पात मचाने वाले बंदर को पकड़ने के बाद पेमेंट होने की बात कही गई है।
धूप सेंक रह महिला को बंदरों के झुंड ने किया था घायल
बत्रा कॉलोनी में बंदरों के झुंड ने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। महिला संतोष (60) घर के बाहर 26 दिसंबर की दोपहर धूप सेक रही थीं। इस दौरान बंदरों के झुंड ने अचानक हमला बोल दिया और घायल कर दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोमवार को सामने आया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह शोर मचाकर बंदरों को भगाया। घटना के बाद परिजन महिला को तुरंत अस्पताल ले गए।
06jjrp19- झज्जर। शहर में बंदरों को पकड़ने का प्रयास करती टीम। संवाद