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देर शाम को हड़ताल खत्म, खाली दौड़ी बसें

Fri, 14 Apr 2017 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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परिवहन मंत्री के साथ यूनियन नेताओं की बातचीत सिरे चढ़ जाने के बाद बृहस्पतिवार को देर शाम रोडवेज कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई। हड़ताल खत्म होने के बाद जीएम बलवंत गोदारा ने बसें चलवाने का प्रयास किया। कुछ ड्राइवरों और कंडक्टरों को उन्होंने बुलाकर रूटों पर बसें भेजी। डिपो से शाम के समय 5 बजकर 40 मिनट पर रोहतक के लिए पहली बस रवाना हुआ। इसमें एक भी सवारी नहीं थी तो डिपो से कोसली के लिए रवाना हुई दूसरी बस के भी हालात कुछ ऐसे ही रही। हड़ताल खत्म होने की सूचना पब्लिक के पास नहीं होने के कारण रोडवेज की बसें शाम को खाली ही दौड़ती नजर आई। अधिकारियों का कहना था कि बृहस्पतिवार को भले ही उन्हें खाली बसें चलने से नुकसान उठाना पड़े लेकिन इसके साथ उनका मकसद जनता तक ये बात पहुंचाना है कि हड़ताल खत्म हो गई है।

चार दिन में 40 लाख का नुकसान, 6 सस्पेंड
रोडवेज के झज्जर डिपो को चार दिन की इस हड़ताल की वजह से करीब 40 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। डिपो की 159 बसें हर रोज करीब 50 हजार किलोमीटर का सफर तय करती हैं। सोमवार की शाम से शुरू हुई हड़ताल की वजह से बृहस्पतिवार तक बसों के पहिये थमे रहे। इस सब में 6 रोडवेज यूनियन नेताओं को भी सस्पेंड किया गया। इनकी बहाली के आदेश तो जारी हो गए हैं लेकिन उनकी बहाली में अभी समय लगेगा।
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दिन में किया था शहर के बीच प्रदर्शन
सर्व कर्मचारी संघ, सीटू और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर जिला कार्यकर्ताओं ने सामूहिक एकता का परिचय देते हुए दिन में श्रीराम पार्क में इक्ट्ठे होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इनका मुख्य उद्देश्य रोडवेज मामले में निजीकरण को लेकर सरकार का विरोध करना था। प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता जिला प्रधान जयपाल गुढा, सीटू जिला प्रधान सरोज दुजाना, व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रोहताश शर्मा ने की व संचालन जिला सचिव राजेंद्र जुलाना ने किया। प्रदर्शन में मोहन शर्मा, देवेंद्र यादव, धर्मपाल जांगड़ा, निर्मला, अनिता भागलपुरी के अलावा सैकड़ों की तादाद में सदस्य मौजूद रहे।
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रोडवेज यूनियनों ने शाम को हड़ताल वापिस लेने का फैसला लिया तो हमने कुछ बसें चलवाई। हालांकि चालक और परिचालक शाम की वजह से घरों को लौट गए थे लेकिन वो कुछ बसें चलाने में सफल रहे। शुक्रवार से स्थिति सामान्य हो जाएगी और लोगों को रोडवेज की सेवाएं मिल सकेंगी। हड़ताल की वजह से डिपो को 40 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। - बलवंत गोदारा, जीएम रोडवेज, झज्जर।
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