04jjrp04- आर्य नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका कलावती छत पर लगाए पौधों के साथ। संवाद
झज्जर। पौधों को समय पर पानी, खाद देकर उनको बड़े करना व उनकी देखभाल करना आसान काम नहीं है। पौधों को भी बच्चों की तरह पालना पड़ता है।ऐसी ही देखभाल आर्य नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका कलावती भी कर रही हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर एक छोटी सी बगिया लगाई हुई है।
इससें तरह-तरह के सजावटी, औषधीय पौधे लगाए हुए हैं जिससे उनकी छत का आंगन फूलों की खुशबू से महका रहता है। वह खुद सुबह-शाम इनकी देखभाल करती हैं। उन्होंने अपनी छत पर रात की रानी, चंपा, एलोवीरा, धरत कुमारी, लीली के पौधे लगाए हुए हैं।
इसके अलावा घर पर ही सब्जियां भी लगाई हुई हैं जिसका प्रयोग वह के खाने में करती हैं। इसमें मुख्य रूप से पालक, धनिया और प्याज शामिल हैं। सेवानिवृत्त शिक्षिका कलावती ने बताया कि उनको पांच साल पहले पौधे लगाने की इच्छा जगी थी तभी से वह कई तरह के पौधे अपने घर की छत पर लगाए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि आज के समय में फसल उगाते समय पेस्टीसाइड का ज्यादा प्रयोग करते हैं,इसलिए कोशिश करती हूं कि घर की सब्जियों का ही प्रयोग किया जाए। उन्होंने बताया कि सभी पौधे खुद बाजार से खरीदकर लगाए हैं। आने वाले सीजन में और भी पौधे लेकर आऊंगी और घर की बगिया को बड़ा किया जाएगा।
एक्सपर्ट व्यू
गार्डनर सुरेश कुमार ने बताया कि सर्दियों में पौधों की वृद्धि धीमी होती है इसलिए ज्यादा छंटाई से बचें। पालक, मेथी, गाजर जैसी सर्दी सहन करने वाली सब्जियों को नियमित देखें। किसी भी नए फूल वाले पौधे या युवा पौधों को ठंड से बचाने के लिए कपड़े या प्लास्टिक से ढक दें। ठंड में पौधों की पानी की जरूरत कम हो जाती है। बहुत पानी डालने से जड़ सड़ सकती हैं।