बादली। किसानों के खेत में पीले फूलों से खिली सरसों की फसल लहलहाने लगी है। सरसों के फूल देखकर बसंत के आगमन का संदेश मिलता है। मौसम ने साथ दिया तो इस वर्ष किसान सरसों के बंफर उत्पादन की संभावना जता रहे हैं। पिछले करीब 20 दिनों से कड़ाके की ठंड के बाद दिन में दो दिन से धूप निकल रही है जिससे सरसों की फसल खिल गई है।
बादली पैक्स के अधीन आने वाले 23 गांवों में पिछले वर्ष की अपेक्षा सरसों की फसल का रकबा बढ़ा है। सरसों उत्पादन के लिए अनुकूल जलवायु है। वर्तमान में किसानों के खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। बीते वर्ष ढाई हजार एकड़ भूमि पर सरसों की खेती की गई थी जो कि चल रहे सीजन में तीन हजार एकड़ से उपर है। कृषि विभाग भी सरसों उत्पादन को किसानों के अतिरिक्त आय का जरिया बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत किसानों को सरसों से होने वाले लाभ की बाते बताई जा रहीं हैं। वैसे भी सरसों की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प के रूप में उभरी है। सरसों की खेती में अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती। कृषि अधिकारी सुनील कौशिक ने बताया कि दिन के समय लगातार दो दिन सुहानी धूप खेतों में खिली हुई है। इससे सरसों के खेतों में अलग ही रौनक बनी हुई है। पीले फूल और इनकी मनमोहक महक के साथ सरसों के खेत बेहतरीन फसल के साथ खिल आए हैं।