झज्जर/बहादुरगढ़। जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता शनिवार को मतदान कर अपना फैसला ईवीएम में कैद कर देंगे। जिले की चारों विधानसभा सीट से इस बार 42 प्रत्याशी मैदान में हैं। चारों विस क्षेत्र के करीब 8 लाख 17 हजार 255 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। झज्जर सीट पर जहां कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने हैं, वहीं बाकी तीनों विस सीट बेरी, बादली और बहादुरगढ़ में इस बार निर्दलीय चुनाव परिणाम बदल सकते हैं। इस बार जिले की हॉट सीट बादली पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
जिले की चार विधानसभा सीट झज्जर आरक्षित, बेरी, बादली और बहादुरगढ़ सीट हैं। इनमें से झज्जर विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार के बीच सीधी टक्कर है। कांग्रेस प्रत्याशी गीता भुक्कल तीन बार से लगातार विधायक हैं और चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा से जिला परिषद के चेयरमैन कप्तान बिरधाना चुनाव मैदान में हैं। वह इससे पहले निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार भाजपा से टिकट मिला है। पिछली बार भी भाजपा यहां से दूसरे नंबर पर थी। इस बार के चुनावी समीकरण पिछली बार के मुकाबले से अलग हैं। कांग्रेस जहां लोकसभा चुनाव में मिली 40 हजार से ज्यादा मतों की लीड से उत्साहित है, वहीं भाजपा इस बार चुनाव जीतकर बदलाव की तलाश में है। झज्जर विधानसभा क्षेत्र में कुल एक लाख 93 हजार 671 मतदाता हैं, जो शनिवार को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
बेरी विधानसभा सीट की बात करें तो यहां भी मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच है। पिछले पांच बार से लगातार विधायक बनते आ रहे डाॅ. रघुवीर कादियान कांग्रेस के टिकट पर और भाजपा प्रत्याशी संजय कबलाना चुनाव मैदान में हैं। हालांकि बाहरी प्रत्याशी का ठप्पा शुरुआत से ही उन पर भारी पड़ रहा है। भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अमित डीघल भी मैदान में डटे हैं। वह कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रत्याशियों को टक्कर देते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी इंद्रजीत सुहाग भी अपने आपको मैदान में मान रहे हैं। आप प्रत्याशी सोनू अहलावत को अहलावत खाप का सहारा है।
बहादुरगढ़ सीट पर बहुकोणीय, बादली विस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ सीट पर बहुकोणीय मुकाबला बना हुआ है, जबकि बादली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस-भाजपा में आमना-सामना होगा। दोनों स्थानों पर निर्दलीय भी राजनीतिक हिसाब-किताब बिगाड़ सकते हैं। बहादुरगढ़ में भाजपा से दिनेश कौशिक, तो कांग्रेस से राजेंद्र सिंह जून मैदान में हैं। वहीं इनेलो-बसपा से शीला नफे सिंह राठी, आम आदमी पार्टी से कुलदीप छिकारा, निर्दलीय के तौर पर राजेश जून और रमेश दलाल मैदान में हैं। बहादुरगढ़ पूरी तरह हॉट बनी हुई है। मुकाबला बहुकोणीय बन रहा है। बहादुरगढ़ में 2 लाख 47 हजार 141 मतदाता हैं, जबकि बादली में एक लाख 90 हजार मतदाता हैं। बादली में भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ निर्दलीय में कड़ा मुकाबला है। यहां से भाजपा से पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ चुनाव लड़ रहे हैं, तो कांग्रेस से कुलदीप वत्स मैदान में हैं। वहीं गुलिया चौबीसी से पंचायती उम्मीदवार अजीत गुलिया विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं। संवाद