06jjrp06- रेलवे रोड पर घूमते बेसहारा पशु। संवाद
झज्जर। जिला प्रशासन का शहर को कैटल फ्री करने का वादा अभी तक पूरा नहीं हो सका। शहर के मुख्य मार्गों पर अब भी बेसहारा पशुओं की भरमार है। सबसे ज्यादा नंदियों की संख्या शहर की सड़कों पर देखी जा सकती है।
नगर परिषद की तरफ से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया था। एजेंसी ने कई दिनों तक बेसहारा पशुओं को पकड़ा लेकिन शहर में बेसहारा घूम रहे नंदी को पकड़ने का काम नहीं किया। इस कारण अब भी सड़कों पर नंदियों की संख्या ज्यादा है। लगभग 100 से अधिक नंदी अलग-अलग क्षेत्र में घूमते रहते हैं। इस कारण हादसों का खतरा बना रहता है।
शहर की सड़कों पर लगभग एक हजार से ज्यादा बेसहारा गोवंश घूम रहे थे। अब तक शहर की सड़कों से लगभग 900 से अधिक गोवंश को पकड़ा जा चुका है। इसमें गाय के अलावा नंदी भी शामिल हैं। कई बार तो सड़क पर अचानक नंदी आ जाते हैं जिस कारण हादसा होने का भय बना रहता है।
गौशाला संचालक नंदियों को नहीं लेते जिस कारण शहर के अंदर नंदी घूम रहे हैं। शहर में अलग-अलग जगहों पर बने प्लाटों में भी नंदी बैठे रहते हैं जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पिछले कई दिनों से गाय व अन्य पशु भी शहर की सड़कों पर ज्यादा हो गए हैं।
नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने बताया कि नंदियों को गौशाला संचालकों से लेने से इन्कार कर दिया है। इस बारे में जिला उपायुक्त को भी मामला संज्ञान में लाया गया है कि कहीं इनको छोड़ने की व्यवस्था की जाए।
06jjrp06- रेलवे रोड पर घूमते बेसहारा पशु। संवाद