फोटो 55 : छठी मैया की पूजा करने जाते श्रद्धालु। संवाद
बहादुरगढ़। छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को दोपहर बाद व्रतियों ने पूजा घाटों पर पूजा-अर्चना की। पानी में खड़े होकर शाम के समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर धन-धान्य और परिवार के समृद्ध जीवन की कामना की। पूर्वांचलवासी मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय महापर्व का समापन विधिवत तरीके से करेंगे।
पारंपरिक लोक गीत गाती हुई व्रती महिलाएं परिवारों के साथ पूजा स्थल पहुंची। बांस की टोकरी में पूजन सामग्री, प्रसाद लेकर घंटों तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव के अस्त होने का इंतजार करते रहे। सूर्य देव अस्त होने लगे तो महिलाओं ने मंगल गीत गाए और पूजा की।
सब्जी मंडी के नजदीक से गुजर रही बहादुरगढ़ माइनर, पटेल नगर, छोटूराम नगर, निजामपुर रोड समेत कई अन्य जगहों पर बने पूजा घाटों पर लोगों ने पूजा की।
अब मंगलवार की अलसुबह व्रतधारी स्नान आदि करके पूजा की तैयारियां शुरू कर देंगे। पूजन-सामग्री लेकर व्रती पानी में उतरेंगे। व्रती महिलाएं गीत गाकर उगते सूर्य का स्वागत करेंगी और पूजा शुरू हो जाएगी। इसी के साथ यह पर्व संपन्न हो जाएगा। व्रती गुड़ और आटे से बने ठेकुआ (प्रसाद) को खाकर अपना व्रत खोलेंगे।
-प्रदीप सिन्हा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्वांचल परिवार
समृद्धि और खुशहाली के प्रतीक छठ पर्व की बहादुरगढ़ में काफी रौनक है। सुबह से ही बाजार में पूजा-पाठ और प्रसाद आदि के सामान की खरीदारी जोरों पर रही। रेलवे रोड, नाहरा नाहरी रोड और मेन बाजार में सजी दुकानों पर दोपहर तक लोगों ने जमकर खरीददारी की। इसके बाद व्रतियों ने पूजा घाटों पर जाने की तैयारी शुरू कर दी।
फोटो 55 : छठी मैया की पूजा करने जाते श्रद्धालु। संवाद