बादली। गांव माजरी में कबड्डी खिलाड़ियों की नई पौध तैयार हो रही है। यहां मई में शुरू की गई खेल नर्सरी में 25 लड़कियां नियमित रूप से प्रशिक्षण लेकर अपने खेल कौशल निखार रहीं हैं। महिला खिलाड़ियों का उत्साह और मेहनत क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई पहचान दे रहा है।
खेल नर्सरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही लड़कियों को दो वर्गों में विभाजित किया है। पहले वर्ग में 8 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाएं शामिल हैं जबकि दूसरे वर्ग में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रही हैं। सभी खिलाड़ी प्रतिदिन करीब पांच घंटे मैदान में पसीना बहाकर कबड्डी की बारीकियां सीख रही हैं।
नर्सरी में महिला कोच सोनिया खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। उनका कहना है कि लड़कियों में खेल के प्रति जबरदस्त उत्साह है और वे पूरी लगन से अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यही खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर गांव और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
कोच सोनिया ने बताया कि वर्तमान में खिलाड़ियों को खेल महाकुंभ और विभिन्न राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। नियमित अभ्यास के साथ-साथ फिटनेस, तकनीकी कौशल और टीम भावना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गांव के खेल प्रेमी और ग्रामीण भी इस पहल में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।
ये ग्रामीण कर रहे हो सहयोग
सुरेंद्र फौजी, राजेश, एडवोकेट अमित, प्रवीण और सुनील बाल्यान सहित कई ग्रामीण खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता प्रदान करा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि बेटियों को खेलों से जोड़ने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें बेहतर भविष्य की नई दिशा मिलेगी। माजरी की यह खेल नर्सरी अब क्षेत्र की बेटियों के सपनों को उड़ान देने का सशक्त मंच बनती जा रही है।
टीम ने जीती है प्रतियोगिता
माजरी गांव की लड़कियों की टीम काफी चर्चा में रहती है। झज्जर जिले में विभिन्न प्रतियोगिता में लड़कियों की टीम ने भागीदारी कर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हालांकि गांव में खेल नर्सरी की शुरुआत 2 माह पहले ही हुई है लेकिन इससे पहले गांव के राजकीय स्कूल में वर्षों से लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जहां लड़कियों ने विभिन्न प्रतियोगिताएं जीती है।