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टीकरी बार्डर पर लगातार बढ़ रही किसनों की भीड़

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बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंजाब जाने वाली ट्रेन की इंतजार करते किसान आंदोलनकारी। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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टीकरी बॉर्डर पर बढ़ रही किसानों की भीड़
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तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। कृषि कानूनों को रद्द करने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाने पर टीकरी बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर लगातार किसानों का हुजूम बढ़ रहा है। सैकड़ों किसान प्रतिदिन आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंजाब से आने-जाने वाले किसानों का सिलसिला जारी है।
शुक्रवार को भी पंजाब से श्रीगंगानगर-नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस और किसान एक्सप्रेस में सवार होकर किसान के जत्थे बहादुरगढ़ पहुंचे। स्टेशन से काफी किसान जहां ऑटो रिक्शा में सवार होकर आंदोलन स्थल तक गए, वहीं काफी संख्या में किसान पैदल और ट्रैक्टरों में बैठकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे। यहां आंदोलन में शामिल होने के लिए किसान आ रहे हैं, वहीं वापस भी जा रहे हैं।
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शुक्रवार को बॉर्डर पर हुई सभा में किसान नेताओं ने कहा कि वे तब तक दिल्ली बॉर्डर से नहीं जाने वाले जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती और कानून को निरस्त नहीं करती है। उन्होंने कहा कि ठंड में उनकी तबीयत बिगड़े या जान चली जाए उसकी परवाह नहीं है, वे तो अपनी खेती को बचाने के लिए पंजाब से दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे हैं। किसानों ने कहा यदि सरकार उनकी मांगों को मान ले तो उन्हें कोई शौक नहीं है कि वे सड़कों पर दिन-रात बिताएं, बल्कि वे भी अपने खेत-खलिहान में जाकर फसलों की देखभाल करें।
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भ्रमित करने वाली है कृषि मंत्री की चिट्ठी : किसान
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर की किसानों के नाम लिखी गई चिट्ठी को किसान संगठनों ने भ्रमित करने वाली बताया है। किसान नेताओं ने कहा कि दरअसल कृषि मंत्री ने यह चिट्ठी किसानों को भ्रमित करने के लिए लिखी है। चिट्ठी को पढ़ा गया है, लेकिन उसमें किसानों के हक की कोइ बात नहीं लिखी गई है। इससे साफ पता चलता है कि यह चिट्ठी एक तरह से किसानों को भ्रमित करने और आंदोलन को कमजोर करने के लिए है।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के राज्य प्रधान विकास सीसर ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और कृषि मंत्री की लिखी चिट्ठी से किसानों पर कोई भी फर्क पड़ने वाला नहीं। पंजाब के किसान नेता बलदेव सिंह, जमींदारा छात्र संघ हरियाणा के मीत मान, मानसा के अली शेर, फतेहाबाद के सुखविंदर, बार एसोसिएशन हांसी के प्रधान पवन कुमार रपड़िया, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हरियाणा की अध्यक्ष उषा सरोह, जींद के वकील होशियार सिंह नैन, नरेंद्र गाबा पंजाब ने टीकरी बॉर्डर पर किसानों को संबोधित किया।
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नौकरी छोड़कर बच्चों के साथ आंदोलन में पहुंची महिला
पंजाब के मोगा जिले की रहने वाली सरबजीत कौर ने नौकरी छोड़कर टीकरी बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंची। बताया जा रहा है कि जब उसे अधिकारियों ने अवकाश नहीं दिया तो वह अपने पद से इस्तीफा देकर अपने पति और तीन बच्चों के साथ यहां पहुंच गई। चार साल से वह नौकरी कर रही थी। अब अपने घर पर ताला लगाकर किसान आंदोलन में पहुंची है।
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किसानों ने कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि
हरियाणा और पंजाब के किसानों ने कैंडल जलाकर संत राम सिंह को श्रद्धांजलि दी। बहादुरगढ़ में किसानों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि देने वालों में अशोक मलिक मदीना, पप्पू दलाल, मंदेलू खरमाण, डीसी सैनी, संजीव मलिक, पवन सैनी, सरदार राम सिंह, जसविंदर सिंह, उत्तम सिंह, ऊधम सिंह, निशांत सिंह समेत अन्य किसान शामिल रहे।
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-फोटो 7 :
कैंडल जलाकर संत राम सिंह को श्रद्धांजलि देते पंजाब और हरियाणा के किसान।
-फोटो 8
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंजाब जाने वाली ट्रेन का इंतजार करते किसान।
-फोटो 9, 10 : बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंजाब से आने-जाने वाले किसानों की उमड़ी भीड़।

बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पंजाब से आने-जाने वाले किसानों की उमड़ी भीड़। संवाद- फोटो : Bahadurgarh

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