झज्जर। सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 10,000 रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना न देने पर दो महीने का कठोर कारावास भुगतना होगा।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार जांच अधिकारी एएसआई अशोक कुमार पुलिस स्टेशन माछरौली को फोन पर गांव तुम्बाहेड़ी के सरपंच कप्तान सिंह ने सूचना दी थी कि गांव निवासी हरिराम की पत्नी सोना देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस मौके पर पहुंची जहां शिकायतकर्ता संदीप मिले।
उन्होंने पुलिस को शिकायत दी कि पिता हरि राम आदतन शराबी हैं और वह उन्हें और मां सोना देवी को पीटते थे। 6 अप्रैल 2020 को वह सरपंच के आदेश अनुसार गांव में रात की ड्यूटी कर रहे थे। तबीयत ठीक नहीं होने के कारण रात 8:30 बजे वह आराम करने के लिए अपने घर लौटे और अपने पहली मंजिल के कमरे में सो गए।
मां कमरे में सो रही थी और पिता घर के ड्राइंग रूम में सो रहे थे। देर रात लगभग 3:15 बजे पिता हरि राम उनके पास आए और बताया कि मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। नीचे जाकर देखा तो मां का शव बिस्तर पर पड़ा था। पिता ने बताया कि उन्होंने बचाने के लिए पंखे से उतार दिया था। संदीप ने पिता के खिलाफ कार्रवाई की शिकायत दी थी।
जांच में सामने आया था कि आरोपी ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या की थी। उसके बाद सात अप्रैल 2020 को आरोपी हरि राम को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने हरिराम को 6 दिसंबर को दोषी करार दिया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने हरिराम को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।