फोटो संख्या: 61 एसडीएम को ज्ञापन सौंपते आंबेडकर समिति सदस्य। स्रोत: संगठन
महेंद्रगढ़। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक समिति की कार्यकारिणी को लेकर अब दो पक्ष आमने-सामने हो गए हैं। मंगलवार को समिति के पूर्व प्रधान की ओर से उपमंडल अधिकारी को पत्र सौंपकर नव नियुक्त कार्यकारिणी के गठन को रद्द करने की मांग उठाई गई है। वहीं दूसरी ओर समिति के प्रशासक की ओर से नियमानुसार समिति के गठन की बात कही जा रही है।
मंगलवार को समिति के पूर्व प्रधान सुंदरलाल जोरासिया की अध्यक्षता में समाज के कुछ लोगों ने उपमंडल अधिकारी कनिका गोयल को पत्र सौंपा है। मुख्यमंत्री, स्टेट रजिस्ट्रार फर्म एवं समितियां चंडीगढ़ के नाम सौंपे पत्र के माध्यम से बताया कि पूर्व प्रधान सुंदरलाल जोरासिया ने बताया कि प्रशासक की ओर से नियमों का उल्लंघन कर समिति का गठन किया गया है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक समिति, महेंद्रगढ़ में एक तथाकथित द्वितीय सद्भावना सम्मेलन निजी रूप से आयोजित कर बिना किसी अधिकारी लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया के समिति की कार्यकारिणी घोषित कर दी गई जो असंवैधानिक रूप से बनाईं गई है। यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः अवैध, मनमानी एवं असंवैधानिक रूप से किए गए कार्यों की लीपापोती कर रही है।
वहीं दूसरी ओर समिति के प्रशासक डॉ. ओपी आर्य ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिला रजिस्ट्रार के पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया था कि जल्द से जल्द निर्धारित अवधि में समिति की चुनाव प्रक्रिया पूरी करते हुए कार्यकारिणी का गठन करवाकर विभाग को सूचित किया जाए। सभी को सूचना भेजी गई और 25 दिसंबर को आम बैठक की गई।
बैठक में सभी ने सुझाव देते हुए आम सहमति से कार्यकारिणी गठन पर जोर दिया था। चार जनवरी को हुई बैठक में शामिल होने के लिए भी सभी सदस्यों को सूचित किया गया था। इसके बाद चार को ही सदभावना सम्मेलन व आम बैठक का आयोजन किया।
खुले मंच से सभी के बीच समाज द्वारा सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधान सुन्दरलाल जोरसिया पर गंभीर आरोप में कार्यवाही जारी है व समिति के लेनदेन में गड़बड़ी की जांच की जा रही है।