बहादुरगढ़। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार 4 सितंबर को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के विशेष संयोग से पर्व का महत्व बढ़ गया है। शहर के मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं।
मंदिरों में विशेष सजावट के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी तैयार की जा रही है। पूजा के लिए भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। रेलवे रोड पर काठमंडी स्थित शिव हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सियाराम ने जानकारी दी। उनके अनुसार, जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि का समय पूजा के लिए विशेष होता है। इस बार रात 11:57 बजे से 12:14 बजे तक पूजा का विशेष मुहूर्त रहेगा। श्रद्धालु इसी दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाकर पूजा-अर्चना कर सकेंगे। रोहिणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात 12:29 बजे से शुरू होगा। यह 4 सितंबर की रात 11:04 बजे तक रहेगा।
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जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। श्रद्धालु लड्डू गोपाल की मूर्तियां, पोशाक, झूले और मुकुट खरीद रहे हैं। बांसुरी और पूजा सामग्री की भी खरीदारी की जा रही है। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। कई स्थानों पर रात में भजन-कीर्तन और झांकियों का आयोजन भी होगा।
पंडित सियाराम ने पूजा विधि के बारे में बताया। श्रद्धालु दिनभर व्रत रखने के बाद मध्यरात्रि में पूजा करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद कान्हा को स्नान कराया जाएगा। उन्हें नए वस्त्र पहनाकर झूले में विराजमान कर आरती की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित होगा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में होने की मान्यता के चलते यह संयोग विशेष शुभ माना जा रहा है।