बेरी। सरकार की ओर से जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की मुहिम उलट नजर आ रही है। क्योंकि बेरी एसडीएम कार्यालय में सप्ताह में दो दिन लगाए जाने वाले समाधान शिविर की जमीनी हकीकत दावों से उलट है। समाधान शिविर में आई एक समस्या का बिना निस्ताण के ही समाधान कर दिया गया।
समाधान शिविर की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर मंगलवार को उस समय गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया जब एक शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक निस्तारण किए बिना ही नगर पालिका द्वारा रिपोर्ट में समाधान हो गया दर्ज कर दिया गया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी ली तो इसका खुलासा हुआ।
उसे बताया गया कि उनकी शिकायत का निस्तारण किया जा चुका है और रिपोर्ट में समाधान पूर्ण अंकित है। यह सुनकर शिकायतकर्ता भी हैरान रह गया। उसने कहा कि जब मौके पर कोई कार्य ही नहीं हुआ तो समाधान किस आधार पर दिखाया गया। उसने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत करने की बात कही है।
शिकायतकर्ता बेरी निवासी ममता का कहना है कि उनका आरोप है कि कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। 4 दिसंबर को एसडीएम कार्यालय में लगने वाले समाधान शिविर में शिकायत दी थी कि काठमंडी में दुकानदारों की ओर से अतिक्रमण किया गया और आरा मशीन चलाकर परेशान किया जा रहा है।
पालिका सचिव की तरफ से रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान हो गया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। 5 जनवरी को शिकायतकर्ता ने गली में छज्जा मिलाकर अवैध रूप से निर्माण करने की शिकायत दी।
पालिका अधिकारियों ने बिना मौके का निरीक्षण किए रिपोर्ट में लिख दिया कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर मौके का निरीक्षण किया गया और समाधान हो गया।
काठमंडी में अतिक्रमण व गली में छज्जा मिलाकर अवैध रूप से निर्माण करने बारे समाधान शिविर से शिकायत मिली थी। काठमंडी में अतिक्रमण को लेकर अभियान चलाया गया था और अभी फिर शिकायत री-ओपन हुई है। जल्द शिकायकर्ता का समाधान कर दिया जाएगा।
- पूजा साहू, सचिव, नगर पालिका बेरी।