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महिलाओं के हाथ में रही किसान आंदोलन की कमान

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मंच पर भूख हड़ताल पर बैठीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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आंदोलनकारी किसानों ने लंबे संघर्ष के लिए महिलाओं की भागीदारी तय करनी शुरू कर दी है। सोमवार को महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दिन आंदोलन की कमान महिलाओं के हाथों में रही। 20 महिलाएं भूख अनशन पर बैठीं। इनमें 16 पंजाब से तो 4 बिहार की महिलाएं शामिल रहीं। सोमवार को मंच संचालन और अन्य गतिविधियों का नेतृत्व महिलाओं ने किया।
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कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर टीकरी बॉर्डर पर डटे पंजाब के किसानों के बीच सोमवार को बिहार से काफी महिला किसान पहुंचीं। भूख-हड़ताल पर रही अमरजीत कौर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की मांगों को नहीं मान रही है। कई बार सरकार के साथ वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। सरकार उनकी मांगों को मानने को तैयार नहीं हो रही है। सरकार के प्रति उनमें गुस्सा बढ़ रहा है। सरकार को चाहिए कि किसानों की मांगों पर तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं। इन कानूनों से किसानों को काफी नुकसान होगा, लेकिन मोदी सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी हुई है, लेकिन किसान भी आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं है। इसके लिए चाहे उन्हें कितने ही दिन आंदोलन क्यों न करना पड़े। वहीं परमजीत कौर, जमनदीप कौर ने कहा कि 19 जनवरी को सरकार के साथ होने वाली वार्ता में भी यदि कोई हल नहीं निकला तो 20 जनवरी से वे ट्रैक्टर रिहर्सल शुरू करेंगी और 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड में ट्रैक्टर के साथ शामिल होंगी।
सर्वजातीय सर्वखाप महिला महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने नयागांव चौक पर कहा कि महिला किसानों को उनके अधिकार मिलना तो दूर की बात है। अभी तक अधिकतर महिलाओं को किसान का दर्जा ही नहीं मिला है।
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आंदोलन में ये महिलाएं रही भूख हड़ताल
अमरजीत कौर पंजाब, परमजीत कौर पंजाब, जमनदीप कौर पंजाब, पुनीत कौर पंजाब, अमनदीप कौर, विपिनदीप कौर, सदविंदर कौर, आशा रानी पंजाब, अस्वित पाल कौर, छिंदो कौर, सुखविंदर कौर, जसवीर कौर, सतविंदर कौर, परमजीत कौर, जगीर कौर, गुरसित कौर, सोधिला गुप्ता बिहार, इंदू सिंह बिहार, संगीता सिंह बिहार व रीता बिहार आंदोलन में टीकरी बॉर्डर पर पहुंची और भूख हड़ताल पर रहीं।
नाटक के माध्यम से कोसा केंद्र सरकार को
टीकरी बार्डर पर डटे पंजाब के किसानों के बीच सोमवार को महिलाओं की भागीदारी अहम रही। इनमें न केवल पंजाब से बल्कि हरियाणा व अन्य प्रदेशों से भी काफी महिलाएं शामिल हुई। मंच पर महिलाओं ने नाटक के माध्यम से केंद्र सरकार को जमकर कोसा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हरियाणवीं संस्कृति में पहुंची महिलाएं आंदोलन में
सोमवार को टीकरी बार्डर पर महिला किसान दिवस मनाया गया। इसमें हरियाणवीं महिलाएं अपनी संस्कृति में पहुंची। हरियाणा की महिलाओं ने जहां दामन में टीकरी बार्डर पर आंदोलन में पहुंची। वहीं काफी संख्या में महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व विभिन्न गाड़ियोें में सवार होकर आंदोलन में शामिल हुई। महिलाएं झंडे लेकर पैदल भी आंदोलन में पहुंची और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संगठन ने निकाला जुलूस
आज महिला किसान दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं, अन्य आंदोलनकारी महिलाओं ने मिलकर अपने टेंट पिल्लर नं 786 के सामने से धरना स्थल तक एक जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व सरोजनी देवी, विद्या देवी तथा सरला देवी ने किया। किसान विरोधी काले कानून रद्द करो, बिजली बिल 2020 वापस लो, महिला किसान जिंदाबाद, किसान मजदूरों का भाईचारा जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद, किसान विरोधी केंद्र सरकार मुर्दाबाद आदि नारे लगाए।

टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन में पहुंची महिलाएं। संवाद- फोटो : Bahadurgarh

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