-फोटो 87 : दहकोरा गांव के शिव मंदिर में हवन में आहुति देते ग्रामीण। स्रोत समिति
- फोटो : बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए छात्र-छात्राएं। स्रोत : विवि
बहादुरगढ़। सर्दी में बच्चों के कान में दर्द के मामले सामने आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के ईएनटी विभाग में प्रतिदिन 80 से 85 लोगों की ओपीडी हो रही है। इनमें से 3 से 4 मरीज ठंड के कारण कानों में दर्द के पहुंच रहे हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर ने अभिभावकों को इसे हल्के में लेने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि बच्चों को इस मौसम में जल्दी सर्दी लग जाती है। ज्यादा दिनों तक सर्दी और जुकाम रहने से नाक के पिछले भाग से कान तक आने वाली यूस्टकेयिन ट्यूब ठीक से काम करना बंद कर देते हैं जिससे संक्रमण और सूजन आ जाती है।
कान में न डालें तेल
डॉक्टर ने कहा कि कई बार माता-पिता बच्चे की तकलीफ देखकर उनके कान में गर्म तेल की कुछ बूंदें डाल देते हैं जिससे कुछ समय के लिए आराम तो मिलता है लेकिन बाहरी संक्रमण का खतरा रहता है। याद रखें अगर बच्चे को सर्दी या जुकाम है तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं। इसके साथ ही बच्चे को सुनने में समस्या है तो जांच करवाएं।
कब जाएं डॉक्टर के पास
यदि बच्चे को सर्दी-जुकाम के बाद कान में दर्द, लंबे समय तक संक्रमण से परदे में छेद होना, दर्द से रात में बार-बार रोना, कान का बहना शुरू होना, बुखार का बार-बार आना और कान में खुजली होने पर बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने में जरा भी देरी न करें।
-फोटो 87 : दहकोरा गांव के शिव मंदिर में हवन में आहुति देते ग्रामीण। स्रोत समिति- फोटो : बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए छात्र-छात्राएं। स्रोत : विवि