साल्हावास। जवाहरलाल नेहरू कैनाल (जेएनएल) के अकहेडी मदनपुर पंप हाउस पर शनिवार को पीछे से बहकर आया एक महिला का शव मिला था। अब उसकी पहचान हैबतपुर, जिला करनाल निवासी शशिबाला (46), पत्नी हरीश कुमार के रूप में हुई है।
शशिबाला दस दिन पहले हैबतपुर से अपने मायके निलाखेड़ी आई थीं। शव गला-सड़ा होने के कारण पहचान करना लगभग असंभव लग रहा था। हाथ-पैर पर बंधे धागों और कपड़ों से उसकी शिनाख्त हुई। बताया गया कि वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थीं। इसी कारण वह अचानक घर से निकल गईं और नहर में छलांग लगा दी। परिजनों ने पहले ही पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया जिसने जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल भेजा गया। पहचान न होने के कारण उसे 72 घंटे तक शवगृह में रखा गया था।
पति हरीश कुमार और मृतका के भाई के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जांच अधिकारी जगबीर सिंह ने इसकी पुष्टि की। शशिबाला के पति निजी स्कूल में अध्यापक हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 22 और 18 साल है।