्र गाँव खानपुर खुर्द में कथा के दौरान उपस्थित महिलाएं।्
साल्हावास। गांव खानपुर खुर्द में चल रही नौ दिवसीय रामकथा में बृहस्पतिवार को पहले दिन कथावाचक गौ सुता अंजलि ने शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग की कथा सुनाई।
कथावाचक ने कथा सुनाते हुए कहा कि जब शिव और पार्वती का विवाह होने वाला था तो एक बड़ी सुंदर घटना हुई। ऐसा विवाह इससे पहले कभी नहीं हुआ था। शिव दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे। एक-दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले थे। उनकी शादी में बड़े से बड़े और छोटे से छोटे लोग सम्मिलित हुए। सभी देवता तो वहां मौजूद थे ही, असुर भी वहां पहुंचे। आमतौर पर जहां देवता जाते थे, वहां असुर जाने से मना कर देते थे और जहां कहीं भी असुर जाते थे, वहां देवता नहीं जाते थे, क्योंकि उनकी आपस में बिल्कुल नहीं बनती थी। यह शिव का विवाह था, जिसमें सभी लोगों ने अपने सारे झगड़े भुलाकर एक साथ आने का मन बनाया। शिव पशुपति का मतलब बताते हुए कहा कि इसका मतलब सभी देशों के देवता भी हैं, इसलिए सभी जानवर, कीड़े, मकोड़े और सारे जीव उनके विवाह में शामिल हुए। यहां तक कि भूत, पिशाच और विक्षिप्त लोग भी बाराती बनकर पहुंचे। यह एक शाही शादी थी, एक राजकुमारी की शादी हो रही थी। विवाह का ये प्रसंग सुनकर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।