झज्जर। 29 दिसंबर को यशु लापता हुआ था। 18 जनवरी को यशु के व्हाट्सएप नंबर से परिवार को एक मैसेज आया। इसमें मैसेज करने वाला परिवार को डरा रहा था। 26 जनवरी को मैसेज में कहा कि यशु से बात करनी है तो मोबाइल रिचार्ज कराओ। 15 फरवरी को आखिरी बार मैसेज आया और कुछ रिश्तेदारों के नाम बताए।
यशु के नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर पुलिस ने जांच की और लोकेशन ट्रैक कर इंद्रसेन को हिरासत में लिया। इंद्रसेन की निशानदेही पर रोहतक के आईएमटी थाना क्षेत्र से यशु का शव बरामद हुआ। जब यशु लापता हुआ तो आरोपी इंद्रसेन बीच-बीच में घर आकर सांत्वना देने आता रहता था।
डी-कंपोज हो चुका शरीर, हड्डी बचीं
रोहतक आईएमटी के सुनसान एरिया से सिलानी निवासी यशु का शव बरामद कर रोहतक पीजीआई में रखवाया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। परिजनों के सदमे में होने के कारण पोस्टमार्टम कार्रवाई नहीं हो सकी। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम बोर्ड और फोरेंसिक एक्सपर्ट की सलाह से करवाया जाएगा। पूरा शरीर डी-कंपोज हो चुका है और केवल हड्डियां ही बाकी हैं।
आरोपी सात दिन के रिमांड पर
आरोपी इंद्रसेन को पुलिस ने सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने पहले रोहतक आईएमटी में आकर लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा खोदा और फिर शव को दफना दिया।
2008 में हुआ था यशु के पिता का हुआ निधन
चाचा संदीप ने बताया कि यशु के पिता विरेंद्र सिंह का 2008 में निधन हो गया था। वह भी भारतीय सेना में थे। लेह में ड्यूटी के दौरान उन्हें पैरालिसिस अटैक आया था। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें घर ले आए थे। दो साल बाद बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था।
सेना में जाना चाहता था यशु
मृतक यशु झज्जर के नेहरू कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। यशु के घर में मां बबीता और बड़ा भाई अंकित है। अंकित भारतीय सेना में है। यशु भी सेना में जाना चाहता था। वह कॉलेज की एनसीसी टीम में शामिल था।