हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कार्पोरेशन (एचआरआईडीसी) की ओर से यह टेंडर इंटरनेशनल ओपन कंपीटिटिव टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है ताकि देश-विदेश की योग्य एजेंसियां इसमें भाग ले सकें। टेंडर के अंतर्गत अर्थ वर्क से लेकर स्टेशन भवन निर्माण तक का संपूर्ण सिविल कार्य किया जाएगा।
चयनित एजेंसी को प्रोजेक्ट से जुड़े सभी सिविल कार्यों जैसे अर्थ वर्क, पुल, स्टेशन भवन, रिटेनिंग वॉल, अन्य विविध निर्माण कार्यों के साथ-साथ सामान्य विद्युत सेवाओं के डिजाइन व निर्माण करना होगा। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से ऋण मिलने के बाद परियोजना को गति मिलेगी।
टेंडर शर्तों के अनुसार कार्य को 910 दिनों की अवधि में पूरा करना होगा। टेंडर लगाने वाली एजेंसियों को स्वयं यह तय करना होगा कि वे किस राशि में यह कार्य कर सकती हैं। सबसे कम दर देने वाली एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा।
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फेज सी-6ए के तहत प्रोजेक्ट के इस पार्ट में होगा काम
स्थान दूरी
न्यू पातली स्टेशन से न्यू आसौदा स्टेशन 32.32 किलोमीटर
सुलल्तानपुर बाढ़सा कनेक्टीविटी 2.92 किलोमीटर
न्यू आसौदा से मांडौठी कनेक्टीविटी 4.53 किलोमीटर
वर्जन
एचओआरसी प्रोजेक्ट के तहत सी-6ए फेज में न्यू पातली स्टेशन से आसौदा स्टेशन तक और बाढ़सा स्टेशन से मौजूदा सुल्तानपुर स्टेशन और मांडौठी स्टेशन से मौजूदा आसौदा स्टेशन तक कनेक्टिविटी से जुड़े सभी सिविल कार्यों और सामान्य विद्युत सेवाओं के डिजाइन एवं निर्माण का टेंडर लगाया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही यह कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-विशाल गुप्ता, मुख्य परियोजना अधिकारी, एचओआरसी
वर्ष 2029 में पूरा होगा प्रोजेक्ट, 11 हजार 709 करोड़ होगी लागत
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे (केएमपी) के साथ-साथ पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल प्रोजेक्ट यानि हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) का निर्माण वर्ष 2029 में पूरा होगा। यह पूरा प्रोजेक्ट अब 11 हजार 709 करोड़ की राशि से पूरा होगा। 27 अक्तूबर 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई थी। वर्ष 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। देरी का कारण समय पर पर्याप्त बजट न मिलना और भूमि अधिग्रहण में देरी रहा। यह प्रोजेक्ट भविष्य में माल परिवहन की रीढ़ बनने जा रहा है। इससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी बल्कि हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
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पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल कॉरिडोर की विशेषता
सोनीपत से पलवल के बीच दौड़ेंगी सेमी हाईस्पीड सब-अर्बन ट्रेन
सालाना 60 लाख टन माल ढुलाई करने के लिए प्रोजेक्ट किया डिजाइन
सालाना 40 लाख यात्री सफर कर सकेंगे
इस रेल मार्ग पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ी भी चलेंगी जो सीधे गुरुग्राम के क्षेत्र को दिल्ली के बाहर से राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेंगी।
यह मार्ग यात्रा के समय को कम करेगा।
दिल्ली को बाईपास करते हुए इस रेल मार्ग पर शताब्दी, सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलेंगी।
हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में मल्टीमॉडल हब विकसित करने में मदद मिलेगी।
यह रेल मार्ग राज्य के सभी प्रमुख औद्योगिक शहरों को जोड़ने वाला होगा।
दिल्ली से पलवल और सोनीपत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी और असावटी (दिल्ली-मथुरा मार्ग पर), पातली (दिल्ली-रेवाड़ी मार्ग पर), आसौदा (दिल्ली-रोहतक मार्ग पर) और हरसाना कलां (दिल्ली-अंबाला मार्ग) को जोड़ने का काम करेगा।
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विशेषता
कुल लंबाई- 126 किलोमीटर
-अधिकतम गति- 160 किलोमीटर प्रति घंटा
-नए स्टेशनों की संख्या- 17
-प्रमुख पुल- 84
-लघु पुल- 360
-सुरंग- 2 सुरंगें, प्रत्येक की लंबाई 4.7 किलोमीटर
-वायाडक्ट (ऊंचा पुल)- 3.9 किलोमीटर
-अधिकतम ऊंचाई- 26 मीटर