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पिछले साल से 3 डिग्री ज्यादा तपा सूरज

Mon, 08 May 2017 11:12 PM IST
amarujala/ jhajjar
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तेज गर्मी के चलते पिछले दो दिन से लोागें को मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से हो रही तापमान में वृद्धि के कारण रविवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग की माने तो आगामी कुछ ही दिनों में तापमान 45 डिग्री तक तक पहुंचने के आसार हैं। विभाग के अनुसार मई महीने के दौरान मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगर आंकड़ों की माने तो पिछले साल इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहा था। लेकिन अब की बार 43 से 44 डिग्री तापमान दर्ज किया जा रहा है और आने वाले दिनों में इसी प्रकार से लगातार वृद्धि दर्शाई जा रही है।       
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इन दिनों सुबह दस बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा छाने लगाता है। दिन में काम बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। स्कूली बच्चों को गर्मी के कारण स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। शीतल पेय पदार्थ की बिक्री बढ़ गई है। फ्रिज, पंखा, कूलर, एसी की भी मांग बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब मई के शुरूआती दिनों में ही में ही यह हाल है मई के अंतिम दिनों में और जून में और भी भीषण गर्मी पड़ेगी। पिछले तीन दिनों से पारा में वृद्धि हुई है।  
किसान को बारिश की आस      
इस गर्म हवाओं के बीच खेतों में काम रहे किसानों का कहना है कि अब तो अगर बारिश आ जाए तो तापमान कम होने के साथ फसलों की बिजाई के लिए भी उन्हें कम मेहनत करनी पड़ेगी। किसान स्वरूप, राजकुमार, प्रवेश, नवीन और महेंद्र ने बताया कि अब फसलों की बिजाई के लिए सिंचाई की आवश्यकता है। गर्मी के मौसम में नहरों में पानी कम आने के कारण उन्हें ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन जमीनी पानी के खारा होने के कारण ट्यूबवेल का पानी खेतों के लिए नुकसानदेह है। इसलिए इस समय पर फसलों की बिजाई के लिए बरसात की अत्यधिक आवश्यकता है।      
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स्वास्थ्य का रखें खयाल     
डॉ. वीरेंद्र ने बताया कि लू से बचने के लिए जब भी घर से बाहर निकलें तो चेहरे और सिर को कपड़े से ढंक कर ही बाहर निकलें। छोटे बच्चों को लू से बचाएं, नहीं तो गर्मी के कारण उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां बढ़ जाती है और शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है। बाजार में बिकने वाले आइसक्रीम व कोल्डड्रिंक्स से बच्चों को दूर रखें। इस प्रकार से बाजार में बिकने वाले पदार्थ एक बार तो ठंड का अहसास जरूर होता है लेकिन बाद में ये शरीर पर काफी दुष्प्रभाव डालते हैं।      
कृषि अधिकारी बोले
जिला कृषि अधिकारी रोहतास ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में नहरी पानी में भी कमी आ जाती है और जमीनी पानी का भी स्तर घटने के कारण ट्यूबवेल भी ज्यादा साथ नहीं दे पाते हैं। इसलिए जिस खेत में बिजाई करनी हो उसमें हल्का पानी भरकर जल्द ही उसकी जुताई करें, इस प्रकार से ज्यादा पानी की भी खपत नहीं होगी और जुताई बिजाई कार्य भी पूरा हो जाएगा। 
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