झज्जर। जिला मुख्यालय के साथ लगते गुरुकुल महाविद्यालय में वीरवार को स्वामी ओमानन्द सरस्वती के स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के शिक्षा, वन एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल ने भाग लेकर स्वामी ओमानंद को नमन किया।
इस अवसर पर शिक्षा, वन एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल ने कहा कि स्वामी ओमानंद ने अपने जीवन पर्यंत झज्जर गुरुकुल को नई दिशा देने काम किया है, जिनसे युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वामी ओमानंद ने प्राचीन ऐतिहासिक कलाकृतियों जैसे दुर्लभ सिक्के, टेराकोटा, प्राचीन मूर्तियों, पांडुलिपियों आदि को एकत्रित करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय से वर्तमान और भावी पीढिय़ों के लिए अपनी विरासत को प्रदर्शित करने का बेहतरीन प्लेटफार्म मिलेगा। गुरुकुल झज्जर पुरातत्व संग्रहालय प्रदेश के लिए गौरव का स्थान है। यह हरियाणा का सबसे बड़ा संग्रहालय है। उन्होंने गुरुकुल के आचार्य विजयपाल द्वारा रखी गई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया और गुरुकुल के विकास के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर गुरुकुल के आचार्य विजयपाल, आचार्य बलवीर सिंह, डाॅ. सुुरेंद्र सिंह, प्रधान गुरुकुल झज्जर रामवीर शास्त्री, राजबीर छिकारा, कृष्ण शास्त्री, समाजसेवी डीपी कौशिक, स्वामी संपूर्णानंद, आचार्य प्रदूमन, महाबीर सिंह, आचार्य हरीदत्त, सुशील शास्त्री, भाजपा जिला महासचिव अनिल शर्मा मातनहेल, जोगेंद्र सिलानी, हरीप्रकाश यादव, इंद्र सिंह, आचार्य शतक्रतु, अरविंद गार्गी, वीरेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में आचार्य विजयपाल, स्वामी विश्वानंद, इंद्र सिंह, राजबीर छिकारा, राजेंद्र मलिक, अनिल शास्त्री, विक्रम कादियान, आनंद सागर, वेद प्रिय आचार्य, कृष्ण कुमार शास्त्री आिद मौजूद रहे।