बहादुरगढ़। प्रदूषण का स्तर घटने के बाद भी लगातार लोगों का दम घुट रहा है। यहां अभी भी हवा खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। शनिवार को एक्यूआई रेड जोन में रहा। सुबह से शाम तक एक्यूआई घंटे दर घंटे कम होता रहा। सुबह 7 बजे एक्यूआई रेड जोन में 321, दोपहर को 316 और शाम 4 बजे एक्यूआई 306 दर्ज किया गया।
एक्यूआई भले ही घर रहा हो, लेकिन चिकित्सक अभी इस हवा को जहरीली बता रहे हैं। शनिवार को सुबह हल्का स्मॉग भी छाया रहा। हवा की गति सुबह 6 किलोमीटर तो शाम को 8 किलोमीटर की रही। वहीं मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 24 नवंबर को प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रह सकता है। इसके बाद इसमें थोड़ा सुधार होगा और एक्यूआई कम होगा। 23 नवंबर को भी हवा की गति सुबह के समय 6 किलोमीटर की रहेगी। दोपहर के समय यह बढ़ेगी, लेकिन 6 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। बहादुरगढ़ में शनिवार को पीएम 2.5 का उच्चतम स्तर भी शुक्रवार के मुकाबले कम हुआ और यह 353 पर आया। जबकि न्यूनतम कुल 72 एक्यूआई दर्ज किया गया। शुक्रवार को यह 282 पर पहुंच गया था। औसत 306 दर्ज किया गया। पीएम 10 का उच्चतम स्तर 307, न्यूनतम 136 और औसत 194 रहा। वर्तमान मौसम में जुकाम, कफ के साथ जल्दी थकावट, तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली या पीलापन, आंखों व चेहरे पर सूजन आदि की शिकायतें लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने आमजन से प्रदूषण के मौसम में बचकर रहने की सलाह दी है।
तापमान भी बढ़ा
बहादुरगढ़ में शनिवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय ठंड कम रही। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 तो न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि यह मौसम बीमार करने वाला है। इसमें स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने चाहिए।
क्या बरतें सावधानी
- यदि बीमार हैं तो बाहरी गतिविधियां अभी बंद रखें।
- अस्थमा है तो हर समय अपनी दवाएं अपने पास रखें।
- सुबह-शाम के समय बाहरी गतिविधियां बंद कर दें, लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
- छाती में जकड़न, कफ, सांस में तकलीफ या बेहोशी महसूस हो रही है तो एक्टिविटी पूरी तरह बंद कर दें और चिकित्सक को दिखाएं।
- अगरबत्ती, मोमबत्ती और धूप आदि न जलाएं।
- घर को साफ रखें, झाड़ू की बजाय पोंछा लगाएं, झाड़ू से धूल अधिक उड़ेगी।
- बाहर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करें।