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तीन करोड़ के डीजल-पेट्रोल की नहीं हुई बिक्री

Tue, 21 Jul 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
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डीजल पर वैट में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को लेकर जिले के सभी पेट्रोल पंप सोमवार को बंद रहे। सिर्फ एक दिन की हड़ताल से पेट्रोलियम का करीब तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का कोरबार नहीं हो पाया।
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सरकार को 46 लाख रुपये के वैट का नुकसान हुआ और पेट्रोल पंप मालिकों को भी लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। वैट में वृद्धि के खिलाफ आल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर द झज्जर पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी सोमवार को सुबह 6 बजे हड़ताल रखी।

हरियाणा पर्यटन के बहादुरगढ़ स्थित गोरैया फिलिंग स्टेशन को छोड़ जिले के सभी पेट्रोल पंप बंद रहे। इससे हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों की तुलना में बहादुरगढ़ में वाहन चालकों को कम परेशानी हुई। यहां के लोगों ने अपने वाहनों में गोरैया से या शहर से दिल्ली से पंपों से डीजल-पेट्रोल भरवा लिया।
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डीजल पर नुकसान
दरअसल, फिलहाल प्रदेश में डीजल का भाव 50.45 रुपये प्रति लीटर है। इसमें सरकार 14.50 रुपये वैट लेती है। डीलर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता कपूर सिंह ने बताया कि हड़ताल से झज्जर जिले में करीब 2.55 करोड़ रुपये के लगभग 5 लाख लीटर डीजल की बिक्री नहीं हो पाई।

डीजल पर 7.50 रुपये प्रति लीटर वैट है। इस प्रकार सरकार को करीब 37 लाख 50 हजार रुपये और डीलरों को एक दिन डीजल की बिक्री न होने से करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ।

पेट्रोल पर नुकसान
इसी तरह हड़ताल की वजह से करीब 60 हजार लीटर पेट्रोल नहीं बिक पाया। फिलहाल पेट्रोल का भाव 68.45 रुपये है। इस तरह करीब 41 लाख रुपये का कारोबार नहीं हो पाया।

पेट्रोल पर वैट 14.30 रुपये प्रति लीटर है। इस तरह जिले में सरकार को करीब 8.60 लाख रुपये का वैट लॉस हुआ, जबकि पेट्रोल पंप मालिकों को 10 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। 
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