बहादुरगढ़। शहर में गैस की किल्लत के चलते रेहड़ी संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। छोटे व्यवसाय करने वाले इन लोगों को छोटू गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं जिसके चलते उन्हें ब्लैक में गैस खरीदना पड़ रहा है। घरेलू सिलिंडर तीन हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है वहीं खुली गैस 350 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रही है।
रेहड़ी संचालकों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि उन्हें घर का गुजारा चलाने के लिए छोटू सिलिंडर दिलाया जाए ताकि उन्हें रोजी-रोटी चलाने में किसी तरह की दिक्कत न आए।
रेलवे रोड पर छोले भटूरे की रेहड़ी लगाने वाले ओमदत्त का कहना है कि पहले आसानी से सिलिंडर मिल जाता था लेकिन अब सप्लाई कम होने के कारण बाजार में किल्लत हो गई है। इस कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग गैस की कालाबाजारी कर रहे हैं जिससे उनके काम धंधे पर असर पड़ रहा है।
दिल्ली-रोहतक रोड पर अंडे की रेहड़ी लगाने वाले पप्पू ने बताया कि वे रोज कमाकर खाने वाले हैं। इतनी महंगी गैस खरीदने के बाद उनकी आमदनी का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
मेन बाजार में गोलगप्पे, चाट बेचने वाले संतोष कुमार ने बताया कि गैस के बिना उनका काम ठप होता जा रहा है। प्रशासन से मांग है कि छोटे सिलिंडरों की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
-फोटो 81 : ओमदत्त
-फोटो 82 : पप्पू
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-फोटो 81 : ओमदत्त