झज्जर। नगर परिषद की तरफ से शहर के बाजारों में शौचालय बनवाए गए हैं, लेकिन अधिकतर समय इनका प्रयोग न तो दुकानदार कर पाते हैं और न ही आम जनता। इसका मुख्य कारण शौचालयों की सफाई न होना है। अब पिछले दो-तीन दिन से शौचालयों की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। इस कारण इनका प्रयोग नहीं हो पा रहा है।
शौचालयों के गेट पर तो अच्छी क्वालिटी के पत्थर लगाए जा रहे हैं, लेकिन अंदर शराब की बोतलें पड़ी हैं। शौचालय सड़ांध मार रहे हैं। इनकी हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हो रही है, क्योंकि पूरे बाजार में कहीं सार्वजनिक शौचालय तक नहीं हैं।
पिछले करीबन दो साल से शहर की जनता बाजार के शौचालयों की सफाई न होने से परेशान हैं। खुद आसपास के दुकानदार कई बार सफाई करवाकर काम चलाते हैं, लेकिन नप की तरह से नियमित ध्यान नहीं दिया जा रहा। शौचालयों की सीटें भरी हैं। हाथ धोने के लिए पानी तक नहीं है।
यही हाल छिकारा चौक पर बने शौचालयों का है। यहां पर भी शौचालयों की रिपेयरिंग चल रही है। नई शीट लगाई जा रही है, लेकिन अब यह आम जनता के प्रयोग के लिए बंद हैं। साथ में महिलाओं के लिए शौचालय है, लेकिन उस पर भी काम चलने की वजह से ताला लगा हुआ है।
झड़ रहा रंग-रोगन, उठ रहे सवाल
डाकखाने के पास स्थित शौचालय की बिल्डिंग पर कुछ समय पहले ही रंग-रोगन करवाया गया था, लेकिन छत पर किया गया रंग-रोगन पूरी तरह से झड़ चुका है। इससे यहां पर किए गए कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। दुकानदारों ने भी इस पर सवालिया निशान लगाया है।
एक साल से कागजों में बन रहे नए शौचालय
नगर परिषद की तरफ से शहर में 7 नए शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन पिछले एक साल से यह केवल कागजों में ही बन रहे हैं। टेंडर लगाए जाने के बावजूद आज तक कोई नया शौचालय नहीं बना है। नप अधिकारियों की मानें तो अभी दोबारा टेंडर लगाया जाएगा।
शहर के शौचालयों की हालत बहुत खराब है। इसकी सफाई की सुध नगर परिषद नहीं ले रहा। अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। दुकानदारों ने खुद राशि खर्च करके इसकी मेंटेनेंस करवाई। उसके बावजूद हालात खराब है। विकास के नाम पर केवल पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन रखरखाव नहीं है।
- विनीत पोपली, दुकानदार
शौचालयों की सफाई कभी नहीं होती। खुद दुकानदार ही सफाई करते हैं। शिकायत करने पर एक आध बार कर्मी आता है, लेकिन फिर कोई नहीं देखता। शौचालयों के गेट पर पत्थर लगवाया जा रहा है, लेकिन अंदर शराब की बोतलें पड़ी हैं। रंग-रोगन झड़ चुका है। डाकखाने के शौचालय के पीछे लाखों रुपये से शौचालय बनवाया गया, जो आज तक प्रयोग में ही नहीं आया। शरारती तत्व सामान तक उतारकर ले गए। इसकी जांच होनी चाहिए।
- प्रशांत, सीए
शौचालयों की रिपेयरिंग का काम करवाया जा रहा है, इसलिए उनको फिलहाल बंद किया गया है। जल्द ही रिपेयरिंग कर चालू कर दिया जाएगा। कुछ नए शौचालय भी बनवाए जाएंगे, उनका जल्द दोबारा टेंडर किया जाएगा।
- जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
18jjrp16- डाकखाने के पास स्थित शौचालय में पड़ी शराब की बोतलें। संवाद
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18jjrp16- डाकखाने के पास स्थित शौचालय में पड़ी शराब की बोतलें। संवाद
18jjrp16- डाकखाने के पास स्थित शौचालय में पड़ी शराब की बोतलें। संवाद
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