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कागजों के फेर में फेल हुए खेल

Wed, 03 Sep 2014 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जध-बहादुरगढ़
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सरकार भले ही प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए करोड़ों रुपये दे रही हो, लेकिन स्कूली स्तर पर खेलों की हालत बेहद चिंतनीय है।
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स्कूली खेलों का कैलेंडर जारी होने के साथ ही खेल कराने के फरमान जारी हो गए। मात्र दस दिन की अवधि में जोनल खेल करवा दिए गए। जिलास्तरीय टूर्नामेंट भी सिमट गए और तीन दिन में राज्यस्तरीय खेल हो जाएंगे। इन खेलों के लिए तो परीक्षाओं के समय का ध्यान भी नहीं रखा गया।


आपको बता दें कि सरकारी स्कूलों के 15 खेलों के लिए 30-31 अगस्त को जोनल खेल कराने के आदेश हुए। दो-तीन सितंबर को जिले के तथा 6 से आठ सितंबर तक राज्य स्तर के खेल होंगे।
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झज्जर जिले की बात करें तो जोनल खेल में कोई टीम नहीं आ पाई। कायदे से एक खेल में चार टीमों का खेलना अनिवार्य है, मगर एक भी टीम नहीं बन पाई।

इस कारण जोनल की सारी प्रतियोगिताएं नियमों की भेंट चढ़ गई। इस बार खेलने के लिए टीम को बर्थ सर्टिफिकेट जमा करवाना जरूरी कर दिया गया और इसी फेर में सारे स्कूल फंस गए। चूंकि स्कूलों के बच्चों के पास प्राय: स्कूल के एडमिशन का सर्टिफिकेट होता है।


जोनल खेलों में टीमों के नहीं आने के बाद मंगलवार को झज्जर में जिलास्तरीय टूर्नामेंट हुए। इस टूर्नामेंट में भी टीमें या तो आई नहीं और जिस खेल में आई तो बहुत कम आई।

जिला स्तर पर ट्रायल के आधार पर टीमों का चयन किया गया। जिस स्कूल से जो खिलाड़ी आया उसे ट्रायल का अवसर दिया गया। इसी प्रकार बुधवार को लडकों के ट्रायल के आधार पर ही चयन होगा।

 
इधर विभाग ने खेल कराते समय इस बात का भी ध्यान नहीं किया कि बोर्ड की परीक्षाएं 10 सितंबर से आरंभ हो रही हैं, जबकि राज्य स्तरीय खेल 6 से 8 सितंबर तक होने हैं। इससे साफ है कि परीक्षा तो प्रभावित होगी ही।

स्कूलों में होती थी नियमित तैयारी
राजकीय स्कूलाें में विद्यार्थियों का पहले नियमित अभ्यास होता था। अब खेल कैलेंडर के आने पर ही तैयारियां आरंभ की जाती हैं। यदि नियमित तरीके से स्कूल लगने के साथ तैयारियां हो तो खिलाड़ी तैयार होते हैं और आगे नाम रोशन होता है।


ये बनाए नियम
इस बार विभाग ने प्रतियोगिता के लिए सख्त नियम बनाए हैं। विभाग ने सीएमओ या नगरपालिका द्वारा जारी बर्थ सर्टिफिकेट को जरूरी किया है। हालांकि पहले भी ये नियम थे, लेकिन उन्हें माना नहीं जाता था। चूंकि अब स्कूली स्तर पर राज्य व राष्ट्रीय स्तर के अलावा एशियाई स्तर पर खेल होते हैं। ऐसे में बहुत सारे खिलाड़ी एशियाई खेलों में जाने से वंचित रह जाते हैं, जिससे दिक्कत होती है।
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विभाग के नियमों के अनुसार खेल कराए जा रहे हैं। जोनल खेलों में बर्थ सर्टिफिकेट के कारण दिक्कत थी, जिसके चलते टीमें पूरी नहीं हो पाई। जिला स्तर के खेलों में कुछ खेलाें में टीम आई हैं, जबकि जिनकी टीम नहीं थी उनके ट्रायल के आधार पर जिला स्तरीय टीमें बनाई गई हैं जो राज्य स्तर पर हिस्सा लेंगी।
- एसआर रोहिला, जिला शिक्षा अधिकारी
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