झज्जर। राजस्व विभाग की ओर से एक नवंबर से प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरु की गई है। यह प्रणाली जिले की सभी तहसील कार्यालयों में प्रभावी रूप से संचालित हो रही है और नागरिकों को संपत्ति पंजीकरण की निर्बाध सेवाएं उपलब्ध करवा रही है।
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि जिले में अब तक 117 पेपरलेस रजिस्ट्री हो चुकी हैं। बेरी में 38, झज्जर में 58, बहादुरगढ़ में 12, बादली में एक, मातनहेल में सात, साल्हावास में एक पेपरलेस रजिस्ट्री की गई है। नई प्रणाली रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
नई व्यवस्था के तहत विभाग को आवेदन प्राप्त होने के बाद दस्तावेज़ सत्यापन के लिए पांच कार्य दिवसों का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मामूली विसंगतियों के कारण आवेदन अस्वीकार नहीं किए जाएंगे। जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी विकल्प भी यथावत जारी है और इसे और सरल बनाया गया है।
डीसी ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली हरियाणा में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह नई प्रतिक्रिया है और समय व जरूरत के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जन-अनुकूल बनाने का निरंतर कार्य किया जा रहा है।
पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
नई प्रणाली के अंतर्गत सबसे पहले नागरिक पोर्टल https://eregistration.revenueharyana.gov.in/ पर लॉग-इन कर अपनी लॉगिन आइडी बनाकर अपनी एवं संपत्ति से संबंधित आवश्यक जानकारियां दर्ज करें। इसके बाद पहचान प्रमाण, संपत्ति दस्तावेज और नक्शे सहित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं, जिनकी सूची पोर्टल स्वत: प्रदर्शित करता है। दस्तावेज अपलोड होने के बाद संबंधित विभागों द्वारा ऑनलाइन सत्यापन किया जाता है और किसी त्रुटि की स्थिति में आवेदक को सूचना दी जाती है। दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदक को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट दिया जाता है। निर्धारित समय अनुसार आवेदक तहसील कार्यालय पहुंचकर फोटो एवं हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूर्ण करता है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रजिस्ट्री स्वीकृत की जाती है और उसकी डिजिटल कॉपी पोर्टल से डाउनलोड की जा सकती है।