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हड़ताल में शामिल छह कर्मचारी निलंबित

Thu, 13 Apr 2017 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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झज्जर। रोडवेजकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सख्ता रवैया अपनाते हुए सरकार ने बुधवार को विभाग ने चार चालक, एक परिचालक और एक मैकेनिक को निलंबित कर दिया। निलंबन की कार्रवाई से भड़के यूनियन कार्यकर्त्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं बुधवार को भी रोडवेज कर्मियों की हड़ताल सौ फीसदी सफल रही। डिपो प्रबंधन के अनुसार क्लर्किल स्टाफ ने भी हड़ताल में शामिल होने की घोषणा कर दी है और यूनियनों के समर्थन में आ गया है। इसके चलते रोडवेज अधिकारियों को काफी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। वहीं अब यूनियन कर्मचारी भी आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं। जिन कर्मचारियों का निलंबन हुआ है उनमें चालक राकेश, राजेश, कर्मबीर, रामबीर, परिचालक सतपाल और मैकेनिक अशोक शामिल हैं।

जीएम ने कोर्ट से लिया स्टे
जीएम बलवंत गोदारा ने डिपो परिसर के 300 मीटर दायरे में कर्मियों के एकत्रित होने पर स्टे मांगा था, जिसे मंजूर कर दिया गया है। अब ऐसे में विभाग इस स्टे को हड़ताल तुड़वाने में हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगा क्योंकि अब तक कुछ ऐसे कर्मचारी भी थे जो बस चलाना चाहते थे लेकिन गेट बंद हो जाने के कारण बसें नहीं ले रहे। अब अगर सरकार ने सख्ती दिखाई गई तो जीएम अपने कुछ कर्मचारियों को बस थमा सकते हैं।
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आमजन रहा हलकान
रोडवेज कर्मियों की इस हड़ताल के चलते आम आदमी बेहद परेशान रहा। वहीं बुधवार को निजी बस संचालक भी बस अड्डे पर नहीं गए। इसके चलते दैनिक यात्रियों को और काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। निजी बस संचालकों ने बुधवार को शहर के मुख्य चौराहों से ही सवारियां लेकर अपने रूटों पर फेरे लगाए। वहीं इससे बाजार में आने वाले कुछ रूटों के लोगों को जरूर फायदा मिला। अधिकतम ग्रामीण रूटों की सेवाएं पूरी तरह से ठप्प पड़ी हुई हैं, क्योंकि काफी रूट अभी तक ऐसे हैं, जिन पर अभी तक प्राइवेट बसों को परमिट नहीं अलॉट किया गया है।

25 लाख का हो चुका है नुकसान
रोडवेज की हड़ताल बुुधवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। हड़ताल की वजह से बुधवार शाम तक रोडवेज को 25 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। रोडवेज डिपो के इन तीन दिनों में सवा लाख किलोमीटर का सफर तय नहीं हो पाया। वहीं हाल ही में जाट आंदोलन के चलते भी रोडवेज को एक करोड़ 86 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।

जल्द मिलेंगी 60 बसें
जीएम ने बताया कि झज्जर डिपो में 60 नई बसें भेजने का लेटर जारी किया है। वर्तमान में रोडवेज झज्जर डिपो में 160 बसें है। लेकिन अब इन बसों की संख्या बढ़कर 220 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बसों की चेसिज आ चुकी है बाकि बसों की बॉडी बंधने के बाद इन्हें डिपो में भेज दिया जाएगा। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को काफी लाभ होगा।
वहीं मिली जानकारी के अनुसार बसों की संख्या में सरकार ने बेशक बढ़ोतरी कर दी हो, लेकिन सच्चाई यह है कि डिपो में अभी भी चालक व परिचालकों की काफी कमी है। जानकार कहते है कि अगर नई बसें आ भी जाती है तो बिना चालक-परिचालक के ये बसें शोपीस बनकर रह जाएगी। इसलिए बसों की संख्या बढ़ाने से पहले सरकार को चालक व परिचालकों की भर्ती करनी चाहिए। ताकि बसों के आते ही इन्हें सड़क पर उतारा जा सके।
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वर्जन
बुधवार को भी वो बसें चलवा पाने में नाकाम रहे, अब तक 25 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। 6 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, साथ ही कोर्ट से स्टे भी लिया गया है। अब कर्मचारी डिपो परिसर के 300 मीटर दायरे में प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।
- बलवंत गोदारा, जीएम, झज्जर।
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