बीते 15 जनवरी की है घटना
पुलिस ने पहले दो अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ होने की बात कही थी, इसलिए एसआईटी ने दोनों जगहों पर जाकर सबूत जुटाए। फिलहाल जांच कमेटी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। यह घटना 15 जनवरी 2026 की देर रात हुई थी। झज्जर पुलिस (एसटीएफ) ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पंकज अहलावत (डीघल गांव निवासी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत के छोटे भाई), नितेश और रोहित को गिरफ्तार किया। पंकज के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे रोहतक पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया।
एक एएसआई परवीन कुमार भी गोली से घायल हुए। परिवार का आरोप है कि एनकाउंटर फर्जी था। पंकज के पिता आनंद सिंह (पूर्व चेयरमैन, केंद्रीय सहकारी बैंक) ने कहा कि पुलिस ने पीठ पर बैठकर पैर में गोली मारी। उन्होंने इसे पुलिसिया कहानी बताया। खाप पंचायतों और सीएम की भूमिका डीघल गांव की पंचायत और 21 खापों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली-हरियाणा भवन पहुंचकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। उन्होंने पंकज समेत तीनों युवकों की रिहाई और जांच की मांग की। सीएम ने तथ्यों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया जिसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है।