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Jhajjar-Bahadurgarh News: चाय की चुस्कियां होने लगी महंगी

Fri, 21 Aug 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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-फोटो 81 : शहर में एक दुकान में रखी चायपत्ती। संवाद
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पंकज रोहिल्ला
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बहादुरगढ़। आम आदमी की सुबह की शुरुआत जिस चाय की चुस्की से होती है, उसकी कीमत अब जेब पर असर डालने लगी है। पिछले एक माह में जहां चीनी के दाम प्रति किलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़े हैं वहीं बाजारों में अलग-अलग श्रेणी की चाय के दाम पिछले 15 दिनों में 40 से 80 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। चाय पत्ती का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने बताया कि असम में बाढ़, पेस्टिसाइड मानक और चाय बागानों में प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आई है। इसका सीधा असर बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर पड़ रहा है। आशंका है कि चाय पत्ती और चीनी के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
पिछले 15 दिनों में चीनी के दाम में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। चीनी के दाम वीरवार को 65 रुपये प्रति किलो रहे। बहादुरगढ़ में चायपत्ती के तीन थोक विक्रेता हैं। इनके यहां से हर महीने करीब 300 क्विंटल चाय पत्ती की खपत होती है।
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शहर के इंदिरा मार्केट में चाय पत्ती के थोक विक्रेता संजय चावला ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में भी चाय की आपूर्ति होती है। उनके यहां से हर महीने लगभग 50 क्विंटल चाय पत्ती की खपत होती है। पिछले महीने उच्च श्रेणी की चाय का भाव करीब 280 रुपये किलो था जो अब बढ़कर 360 रुपये किलो तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में चाय पत्ती के दामों और तेजी देखने को मिल सकती है।


झज्जर रोड पर चाय पत्ती के कारोबारी माणिक इलाहाबादी ने बताया कि मध्यम श्रेणी की चाय 170 से 190 रुपये हो गई है और अब जो नया माल आएगा वह 210-220 रुपये किलो होगा। निम्न श्रेणी की चाय के भाव में 40 से 80 रुपये किलो तक तेजी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन और सर्दियों की शुरुआत के साथ मांग बढ़ने पर कीमतों में और उछाल की आशंका है। उनके यहां से हर महीने करीब 100 क्विंटल चाय की खपत होती है। वहां पेस्टिसाइड मानकों के सख्ती से पालन किए जाने से चाय की गुणवत्ता बढ़ी है। चाय की महंगाई पर इसका भी असर पड़ा है।
इलाहाबादी ने बताया कि असम देश का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है और देश का करीब आधा चाय उत्पादन वहीं होता है। वहां करीब 800 चाय बागान हैं। बाढ़ के कारण उत्पादन प्रभावित होने से बाजार में आपूर्ति का दबाव बढ़ा है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भी प्रतिकूल परिस्थितियों का असर उत्पादन पर पड़ा है।



चीनी ने भी बढ़ाई मिठास की कीमत

चाय के साथ चीनी के दाम भी उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रहे हैं। फुटकर बाजार में चीनी 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है, जबकि थोक भाव करीब 62-63 रुपये किलो बताया जा रहा है। एक दिन पहले तक फुटकर भाव 59 रुपये किलो था। अनाज मंडी में चीनी के थोक कारोबारी संजय ने बताया कि चीनी मिलों के एजेंट लगातार नए रेट खोल रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में रसोई का बजट और बिगड़ सकता है।
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सख्त पेस्टिसाइड मानकों से चाय की गुणवत्ता बढ़ी, उत्पादन और बिक्री पर असर
असम सरकार के सख्त पेस्टिसाइड मानकों के कारण वहां के चाय की राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय मार्केट में साख बढ़ी है लेकिन इसका उत्पादन पर असर पढ़ा है। चाय की फसल पर ग्रीन फ्लाई, लूपर और टी मॉस्किटो बग जैसे कीटों का भारी हमला होता है। मोनोक्रोटोफॉस जैसे प्रभावी लेकिन प्रतिबंधित कीटनाशकों पर रोक के बाद, सुरक्षित विकल्प महंगे हुए हैं या उतने असरदार नहीं हैं, जिससे पैदावार में गिरावट हुई है जिसका असर बढ़ती कीमत के रूप में देखा जा रहा है।

-फोटो 81 : शहर में एक दुकान में रखी चायपत्ती। संवाद

-फोटो 81 : शहर में एक दुकान में रखी चायपत्ती। संवाद

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