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Jhajjar-Bahadurgarh News: लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से कंधे हो रहे जाम

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-फोटो 84 : नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे लोग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बहादुरगढ़। कंप्यूटर और लैपटॉप पर घंटों तक लगातार काम करने की आदत युवाओं में फ्रोजन शोल्डर (कंधा जाम) की समस्या बढ़ा रही है। कंधे में दर्द, जकड़न और सूजन के कारण रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित होने लगे हैं। सबसे अधिक प्रभावित ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले युवा हैं। बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे 5 से 7 मरीज पहुंच रहे हैं।

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि कामकाजी युवा मोबाइल और लैपटॉप पर एक ही मुद्रा में लगातार चार से पांच घंटे तक काम करते हैं। इससे कंधे की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं और रक्त संचार प्रभावित होता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर फ्रोजन शोल्डर की समस्या विकसित हो जाती है। हाथ ऊपर उठाने, घुमाने या वजन उठाने पर तेज दर्द महसूस होता है। उन्होंने बताया कि अब कंधे में चोट और फ्रैक्चर के साथ-साथ फ्रोजन शोल्डर के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
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डॉ. कुनाल के अनुसार, इसका असर धीरे-धीरे गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ने लगता है। अधिकांश मरीज बीमारी बढ़ने के बाद ही अस्पताल पहुंचते हैं। महिलाओं में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। मोटापा और गर्दन पर बढ़ती चर्बी से कंधों और हाथों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। कई मरीजों को हाथ पीठ तक ले जाने, कपड़े पहनने और बालों में कंघी करने तक में कठिनाई होती है। ऐसी स्थिति में नियमित व्यायाम और फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। समय रहते उपचार न कराने पर यह समस्या लगातार गंभीर होती जाती है।


इन बातों का रखें ध्यान

-कंधे को लचीला रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।

-रात को सोते वक्त हाथों को सिर के नीचे नहीं रखें।

-कंप्यूटर-लैपटॉप पर 30-40 मिनट कार्य के बाद ब्रेक लें।

-लेटर, आढ़े-तिरछे होकर कंप्यूटर-लैपटॉप पर कार्य न करें।

-नियमित 40 मिनट से अधिक व्यायाम करें, वजन न बढ़ने दें।
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