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Jhajjar-Bahadurgarh News: शूटर सुरुचि फौगाट ने जीता दोहरा स्वर्ण पदक, बोली मैं खुद ही अपनी चैलेंजर

Fri, 18 Apr 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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साल्हावास। मातनहेल ब्लॉक की बेटियां सुरुचि फौगाट सासरौली और मनु भाकर गोरिया ने लास पालमास शूटिंग रेंज में स्वर्ण व रजत पदक जीतकर कमाल कर दिखाया। सुरुचि ने वर्ल्ड कप में लगातार दो स्वर्ण पदक जीतकर सबको चौंका दिया। वहीं दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर को रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। सुरुचि फौगाट ने सौरभ चौधरी के साथ मिक्स टीम में भी स्वर्ण पदक जीता है।
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सुरुचि फौगाट ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 से अधिक पदक प्राप्त कर फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। वह पिछले पांच-छह साल से गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग रेंज भिवानी में कोच सुरेश कुमार से प्रशिक्षण ले रहीं हैं। ओलंपिक व कामनवेल्स गेम्स में स्वर्ण पदक प्राप्त करना ही सुरुचि का लक्ष्य है। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी मनु भाकर अब औरों के लिए प्ररेणा स्रोत बन रही हैं। सुरुचि शूटिंग की ट्रेनिंग के लिए हर दिन ट्रेन से 100 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर भिवानी आती-जाती हैं। इसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है। उनका कहना है कि मुझे स्वर्ण जीतने का पूरा भरोसा था, क्योंकि मैंने कल के क्वालीफिकेशन में भी शीर्ष स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। कोई भी मेरा चैलेंजर नहीं है। मैं खुद ही अपनी चैलेंजर हूं। उनको देसी खाना पसंद है। वह चूरमा, लाल मिर्ची की चटनी, मालपुरा खाना पसंद करती हैं। टीवी, सोशल मीडिया यहां तक की फोन का प्रयोग करना भी उन्हें पसंद नहीं है। घर में लगे टीवी और एलईडी का कनेक्शन भी फिलहाल हटवाया हुआ है।


सात स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियों में आई सुरुचि

सासरौली निवासी सुरुचि फौगाट राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सात स्वर्ण पदक प्राप्त कर सुर्खियों में आई थी। उन्होंने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में एक स्वर्ण व दो रजत पदक प्राप्त कर रिकॉर्ड कायम किया है। यह प्रतियोगिता 18 से 21 जनवरी तक मोहाली पंजाब में आयोजित की गई थी।
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कोलर बोन में लगी चोट से कुश्ती छोड़ शूटिंग में आजमाया भाग्य

कुश्ती के दीवाने और सेना के हवलदार पद से सेवानिवृत्त सुरुचि के पिता इंद्र सिंह फौगाट चाहते थे कि उनकी छोटी बेटी सुरुचि फौगाट भी कुश्ती खेले। वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान से प्रेरित होकर सुरुचि ने कुश्ती खेलना शुरू किया, लेकिन उन्हें काॅलर बोन में चोट लगी और इसके बाद छह कुश्ती छोड़नी पड़ी। शूटिंग में हाथ आजमाया और निरंतर अभ्यास के बल पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शूटिंग खिलाड़ी बन गई।

मनु की चचेरी बहन भी बना रही पहचान
शूटिंग में मनु भाकर की चचेरी बहन भूमिका भाकर भी उनके साथ कदम लात करते हुए आगे बढ़ने लगी हैं। भूमिका अपनी बड़ी बहन के नक्शे कदम पर चलकर हाल ही में खेलो हरियाणा व खेलों इंडिया के लिए चयनित हुई हैं। वे सीबीएसई नॉर्थ जोन मेडलिस्ट रह चुकीं हैं। भूमिका राष्ट्रीय टीम के लिए ट्रायल देने के बाद टीम में चयनित हो चुकी हैं।



सुरुचि फौगाट की उपलब्धियों भरा सफर

- ब्यूनस आयर्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड
- राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 10 मीटर में नया रिकॉर्ड
- पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर की स्पर्धा में विजेता
- दक्षिण कोरिया की शूटर ओह ये जिन के 243.2 अंक से बढ़कर 245.7 अंक बनाएं
- दिसंबर 2024 में डॉक्टर करणी रेंज में 67वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी में सात स्वर्ण पदक जीते
- 65वीं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में एक स्वर्ण दो रजत एक कांस्य पदक
- पांचवीं खेलों इंडिया यूथ गेम एक रजत पदक
- छठीं खेलो इंडिया यूथ गेम्स में दो स्वर्ण व्यक्तिगत और मिश्रित टीम के साथ प्राप्त किया
- जूनियर विश्व कप में एक रजत, एक कांस्य पदक
- 13वीं एशियाई चैंपियनशिप में एक रजत पदक
- सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप में एक स्वर्ण पदक
- 67वीं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 7 स्वर्ण पदक सीनियर टीम और व्यक्तिगत में स्वर्ण पदक

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