बहादुरगढ़। पत्नी, बेटी और बेटों की हत्या का आरोपी हरपाल परिवार में बहन और जीजा से इस कदर परेशान था कि उसने अपने ही परिवार को मौत की नींद सुला दिया। उसके खुद के हाथ और पैर भी आग में झुलसे हुए हैं। उसके भाई के भी आने से मना करने पर रविवार को नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखे चारों शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अब पुलिस सोमवार तक इंतजार करेगी। इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम कराएगी।
बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 में किराये का मकान लेने के लिए भी हरपाल ने फर्जी आईडी के आधार पर रेंट एग्रीमेंट बनवाया। किराये पर मकान लेने के दौरान हरपाल सिंह ने अपने आपको दिल्ली के उत्तम नगर का निवासी बताया था, लेकिन रविवार को डीसीपी मयंक मिश्रा ने पत्रकारवार्ता में खुलासा किया कि आरोपी हरपाल उत्तराखंड के रुद्रपुर का रहने वाला था।
24 जुलाई 2024 को हरपाल सिंह ने बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित 312 पी मकान को किराये पर लिया था। बच्चे भी घर में ही रहते थे और वह खुद भी ट्रांसपोर्ट का काम ऑनलाइन ही करता था। आसपास के लोगों ने बताया कि उन्होंने उनके बच्चों को नहीं देखा। वे सभी घर में ही रहते थे। हरपाल के बयान के आधार पर पुलिस ने बताया कि सबसे पहले पत्नी को मौत के घाट उतारा। इसके बाद बेटी को, फिर छोटे बेटे को और आखिर में बड़े बेटे की गला दबाकर हत्या की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरपाल ने सभी को नींद की गोलियां खिलाई थीं। इसके बाद घर में लगे एसी में पेट्रोल डाला और आग के हवाले कर दिया। बाद में पेट्रोल बोतल में डाला, इसी से घर में एक के बाद एक दो ब्लास्ट हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने हरपाल सिंह के भाई और भतीजे से संपर्क किया तो पहले तो उन्होंने बहादुरगढ़ आने की बात कही, इसके बाद आने से मना कर दिया। महिला के परिवार से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार तक मृतकों के बहादुरगढ़ आने का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाई जाएगी।
घर की लॉबी से पुलिस को मिली डायरी से खुला राज, अवसाद में था हरपाल
देर रात तक चली पुलिस की जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे। पुलिस को मकान में बनी लॉबी से एक डायरी मिली। जिसे खोलकर चेक किया गया तो हरपाल सिंह द्वारा लिखा गया कुल 12 पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें हरपाल ने लिखा है कि मैं हरपाल सिंह निवासी सितारगंज (सुप्रिया कॉलोनी) हाल निवासी एलायंस सिटी वन रुद्रपुर, उत्तराखंड अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने वाला हूं। मेरी और मेरी हत्या का कारण मेरे जीजा व बहन व उनकी फैमिली निवासी सितारगंज, उधम सिंह नगर उत्तराखंड हैं क्योंकि दलजीत सिंह ने मेरा घर जो मैंने इनको रहने के लिए दिया था। उसकी धोखे से रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और जब मैंने पुलिस थाना सितारगंज में रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। सुसाइड नोट में हरपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2017 को मेरे बेटे जसकीरत का अपहरण भी इन्होंने करवाया था, तब भी इनके साथियों ने मिलकर मेरी भी इंक्वारी करवा दी थी और मैं कुछ नहीं कर पाया था। अब दो-तीन साल से इन्होंने मेरी हर जगह बदनामी की है कि मैंने इनसे 4 करोड़ रुपये लिए हैं। इन्होंने सब रिश्तेदारो और समाज में मुझे बदनाम कर दिया जबकि मैंने इनसे कोई पैसा नहीं लिया। जीजा दलजीत सिंह ने मुझको दिमागी तौर पर बहुत परेशान कर दिया है। इससे मेरी पत्नी व बच्चे बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं, इसलिए मेरा दो साल से पूरा परिवार अवसाद में है। मैंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब दलजीत सिंह व उसके साथी मुझे और मेरे बच्चों को तंग करना चाहते हैं ताकि कोई केस की पैरवी न करे। अब मैं भाग-भाग कर थक गया हूं। मैंने अपने बच्चों को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मैं फेल हो गया हूं। पता नहीं ये कैसे मेरी लोकेशन पता कर लेते हैं। मैं इस समय अपने आपको बहुत असहाय महसूस कर रहा हूं। इस मसले पर हमारी दो बार पंचायत भी हुई। मैंने सारे सबूत पेश किए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सुसाइड नोट में लिखा है कि दलजीत सिंह ने धोखे से अपनी पत्नी परविंद्र कौर के नाम मेरे मकान की रजिस्ट्री करवा ली है। उसकी ओरिजनल रजिस्ट्री मेरे नाम से है और वह बैंक ( यूनियन बैंक सितारगंज) मे 16 लाख के होम लोन के कारण रखी हुई है। उनके सारे कागजात फर्जी हैं। अब मैं 2 साल से मानसिक व सामाजिक तनाव झेल रहा हूं और इधर उधर भाग रहा हूं क्योंकि अगर मैं सितारगंज, रुद्रपुर गया तो वह मुझको मार सकते हैं। मेरा परिवार खत्म कर सकते हैं इसलिए मैं अपने परिवार सहित मौत को गले लगा रहा हूं। मेरी व मेरे परिवार की मौत के जिम्मेदार दलजीत सिंह, परविंदर कौर व उसकी फैमिली और उसके दोस्त हैं। अब हमारी जीने की इच्छा खत्म हो गई है और आपसे ( पुलिस एवं न्यायपालिका ) से आखिरी उम्मीद है कि आप न्याय करके सच को सामने लाएं।
मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने वारदात कबूल कर ली है। मामले में जीजा व बहन से चल रहे प्रॉपर्टी विवाद के बाद यह वारदात अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है।
-मयंक मिश्रा, डीसीपी बहादुरगढ़।
-फोटो 64 : बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित इसी मकान में की गई है मां, बेटी और बेटों की हत्या। संवाद
-फोटो 63 : पत्नी, बेटी-बेटों की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार हरपाल सिंह। संवाद
-फोटो 63 : पत्नी, बेटी-बेटों की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार हरपाल सिंह। संवाद