-फोटो 66 : बहादुरगढ़ में परशुराम मार्ग पर स्थित माता मंदिर। संवाद
बहादुरगढ़। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होंगे। नवरात्रों को लेकर शहर के मंदिरों को सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में रौनक नजर आने लगी है व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं।
ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि नवरात्र में जो भक्त माता रानी की सच्चे मन से पूजा करते हैं, माता उनकी झोली खुशियों से भर देती है। नवरात्र की तैयारी को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। दुकानें माता की चुनरी और अन्य पूजन सामग्री से सज गई हैं। श्रद्धालु पोशाक और श्रृंगार के सामान की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाएं तैयार की जा रही है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:03 से लेकर 8:22 तक और 10:40 से लेकर दोपहर 12:56 तक अति शुभ रहेगा। इस बार घर पर आगमन होने से माता धन की वृद्धि और सुख समृद्धि एवं विजय प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि जब भी सोमवार से नवरात्र शुरू होते हैं तो माता रानी हाथी पर सवार होकर आती हैं। जो शुभ और फलदायी माना जाता है। हिंदू पुराणों से मान्यता है कि कलश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है। इसलिए देवी की पूजा से पहले कलश का पूजन किया जाता है। सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि के त्योहार का विशेष महत्व है। नौ दिनों में लोग दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते है।
बहादुरगढ़ क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि हर्षोंउल्लास के साथ मनाया जाता है। माना जाता है कि नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि पूर्वक उपासना करने से वह भक्तों के सारे दुख दूर हो जाते हैं।
घर और मंदिरों में होंगे विशेष अनुष्ठान
नवरात्र पर शहर में एक दर्जन से अधिक पंडालों में माता की प्रतिमा विराजमान होगी। नौ दिनों तक शहर में उत्सवी वातावरण होगा। हर तरफ मां की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। भक्त पूरे नौ दिन व्रत रखकर मां की आराधना करेंगे। घरों एवं मंदिरों में तैयारी भी शुरु हो चुकी है।