पांच माह के लंबे अंतराल के बाद देव उठनी एकादशी से वेडिंग सीजन की शुरुआत हो गई। रविवार शहर में शादियों का धूमधड़ाका रहा। एकादशी पर क्षेत्र में 200 से अधिक शादियां हुई। नवंबर से अप्रैल माह तक शुभ विवाह के अनेक मुहूर्त हैं।
रविवार दोपहर से ही बैंड-बाजों की धुन पर लोगों ने थिरकना शुरू कर दिया था। शाम ढलते-ढलते तो हर कालोनी में डीजे व ढोल की थाप पर पुरुष व महिलाएं नाचने लगे।
देवउठनी एकादशी पर चारों ओर बज रही शहनाई, बैंड बाजे के बीच थिरक रहे बाराती व एक से बढ़कर एक दूल्हे-दुल्हन के लिए सजी-धजी गाड़ियों को देखकर ऐसा लग रहा था कि पूरा शहर ही शादियों की धूम में लिपटा हुआ हो।
फूल वालों की रही बल्ले-बल्लेे
वेडिंग सीजन शुरू होते ही हर किसी के व्यवसाय ने गति पकड़ ली। फूल वालों की पहले ही दिन काफी बल्ले-बल्लेे रही। दिल्ली-रोहतक रोड पर फूल विक्रेताओं व गाड़ियां सजाने वालों के पास खूब भीड़भाड़ दिखी।
हर कोई शादी के रंग को अनोखा मनाने के लिए एक से बढ़कर एक महंगी गाड़ी सजाता दिखा। फूल विक्रेताओं पप्पू, सुनील, किशोर व राहुल का कहना था कि पिछले कई माह से उनका काम धंधा कुछ नहीं था।
घर का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो रहा था, लेकिन वेडिंग सीजन के साथ ही उनका यह कार्य भी अब जोर पकड़ेगा। उन्होंने बताया कि दूल्हे की गाड़ियां सजवाने के लिए लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। एक गाड़ी कम से कम 500 से लेकर 5 हजार रुपये तक सजाई गई।
सड़कों पर जाम
वेडिंग सीजन की शुरुआत में ही सड़कों पर जाम दिखा। रविवार होने के बाद भी लोगों को जाम से किसी तरह से छुटकारा मिलता नहीं दिखा।
जिस भी वाहन चालक को जहां जगह दिखाई दी वहीं अपने वाहन को लेकर जाता दिखा। रेलवे मोड़, झज्जर मोड़, झज्जर मोड़, बराही रोड, पुराना कमेटी चौक, नजफगढ़ रोड, बस स्टैंड के पास वाहनों की भीड़भाड़ रही।
पैदल राहगीरों को निकलने में परेशानी हुई। यहां तैनात पुलिसकर्मी यातायात संभालते दिखे।