विकास कार्यों के लिए जारी राशि का गबन व पद का दुरुपयोग करने के कारण सात सरपंच को सस्पेंड किया गया है। डीसी ने सभी को सस्पेंड करके पंचायत के अधिकार उनसे छीन लिए हैं।
डीसी ने सुलोधा, दुबलधन धिकायान, समसपुर माजरा, पाटौदा, चांदोल, बाघपुर, खाजपुर गांव के सरपंच पर यह कार्रवाई की है। इनके अलावा भी कई सरपंच को सस्पेंड करने की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने उसकी पुष्टि नहीं की।
झज्जर ब्लॉक के सुलोधा गांव की सरपंच सोमवती पर विकास कार्यों के रुपये को गबन करने का आरोप लगा था, जिसमें हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ने डीसी कार्यालय को पत्र भेजकर गबन होने की बात कही।
इस तरह सुलोधा गांव की सरपंच सोमवती ने अपने पद का दुरुपयोग किया और इस कारण ही डीसी अशंज सिंह ने सरपंच को सस्पेंड कर दिया। झज्जर ब्लॉक के पाटौदा गांव के अनिल को सस्पेंड किया गया है तो चांदोल गांव का सरपंच भी सस्पेंड किया गया है।
बाघपुर की सुनीता व खाजपुर के कृष्ण भी सस्पेंड किए गए है। बेरी ब्लॉक के दुबलधन धिकयान गांव के सरपंच ईश्वर सिंह पर भी पद के दुरुपयोग का आरोप लगा है और उनको भी डीसी ने सस्पेंड कर दिया है। इन पर लगे आरोप की जांच करने के लिए उप मंडल अधिकारी बेरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इनके अलावा साल्हावास ब्लॉक के समसपुर माजरा गांव की सरपंच निर्मला देवी को भी डीसी ने सस्पेंड कर दिया है। सरपंच को पहले भी सस्पेंड किया गया था, लेकिन सरपंच ने विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के यहां एक अपील दायर की थी।
उसके बाद सरपंच को बहाली मिल गई थी, लेकिन अब फिर से सरपंच निर्मला देवी को सस्पेंड किया गया। अभी कई सरपंच को सस्पेंड करने की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अन्य के बारे में अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
सरपंचों के सस्पेंड होने से हड़कंप
डीसी अंशज सिंह ने जिस तरह से एक सरपंच को गबन करने के कारण व अन्य सभी को पद का दुरुपयोग करने के कारण सस्पेंड किया है, उससे हड़कंप मच गया है। जिन सरपंच के खिलाफ अधिकारियों के पास शिकायत हुई है, उनपर भी सस्पेंड होने की तलवार लटक गई है।